काठमांडू, 31 अगस्त।
नेपाल के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों को लेकर काठमांडू स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपनी यात्रा सलाह में बदलाव किया है। रसुवा जिले के रसुवागढ़ी–टिमुरे–स्याफ्रुबेँसी क्षेत्र और नेपाल-चीन सीमा नाके के आसपास किसी भी उद्देश्य से यात्रा नहीं करने की चेतावनी दी गई है।
दूतावास के अनुसार 26 अगस्त की भीषण बाढ़ के बाद इन इलाकों में सड़क, यातायात और संचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं। यहां खोज एवं बचाव के साथ पुनर्स्थापना कार्य भी जारी है, इसलिए क्षेत्र में जोखिम काफी अधिक बना हुआ है।
आगे भी बाढ़ और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्र को ‘स्तर-4: यात्रा न करें’ श्रेणी में रखा गया है। इसमें भोटेकोशी, त्रिशूली और नारायणी नदियों के आसपास के क्षेत्र भी शामिल किए गए हैं।
अमेरिकी नागरिकों को नदी किनारों, निचले इलाकों, क्षतिग्रस्त पुलों और अस्थिर पहाड़ी ढलानों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही स्थानीय अधिकारियों द्वारा जारी बचाव आदेशों और सुरक्षित स्थानों पर जाने के निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
दूतावास ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों में लापता लोगों की तलाश के लिए स्वयं प्रवेश नहीं करने की भी चेतावनी दी है। नागरिकों से स्पष्ट रूप से इन क्षेत्रों की यात्रा से बचने को कहा गया है।
पूरे नेपाल के लिए यात्रा सलाह में देश को ‘स्तर-2: अधिक सावधानी बरतें’ की श्रेणी में रखा गया है। इसका प्रमुख कारण नागरिक अशांति बताया गया है।
अमेरिकी आकलन के अनुसार सितंबर 2025 से शुरू हुए देशव्यापी प्रदर्शन फिलहाल थमे हुए हैं और वर्तमान सुरक्षा स्थिति स्थिर है। फिर भी शहरों और स्थानीय क्षेत्रों में दोबारा प्रदर्शन या अशांति की संभावना से इनकार नहीं किया गया है।
चेतावनी दी गई है कि प्रदर्शन कम समय की सूचना पर शुरू हो सकते हैं और कुछ परिस्थितियों में हिंसक रूप ले सकते हैं। नागरिकों को बड़ी भीड़ और प्रदर्शनों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।
नेपाल में स्वास्थ्य और आपातकालीन सेवाओं की सीमित क्षमता को लेकर भी सतर्क किया गया है। काठमांडू के अस्पताल अन्य क्षेत्रों की तुलना में सामान्यतः बेहतर बताए गए हैं, लेकिन वहां भीड़भाड़, जरूरी उपकरणों और दवाओं की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इलाज शुरू होने से पहले भुगतान की मांग की स्थिति भी सामने आ सकती है। दूतावास ने स्पष्ट किया है कि विदेशी नागरिकों के इलाज का खर्च नेपाल सरकार नहीं उठाती।
नागरिकों को आवश्यक दवाएं साथ रखने और चिकित्सकीय निकासी को शामिल करने वाला यात्रा स्वास्थ्य बीमा कराने की सलाह दी गई है। गंभीर स्वास्थ्य समस्या की स्थिति में इलाज के लिए दूसरे देश जाने की संभावना के लिए भी तैयार रहने को कहा गया है।
यात्रा सलाह में नेपाल में भूकंप, बाढ़ और भूस्खलन के नियमित खतरों का भी उल्लेख किया गया है। काठमांडू सहित देश के विभिन्न हिस्सों में बिना पूर्व चेतावनी के भूकंप आ सकता है।
जून से सितंबर के बीच मानसून के दौरान भारी बारिश से अचानक बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है। इससे सड़कें बंद होने, इमारतों को नुकसान पहुंचने और आपातकालीन बचाव कार्यों में बाधा आने की आशंका रहती है।
नेपाल यात्रा का निर्णय लेने वाले अमेरिकी नागरिकों को स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में पंजीकरण कराने की सलाह दी गई है। इससे दूतावास या वाणिज्य दूतावास से महत्वपूर्ण सूचनाएं और आपातकालीन चेतावनियां प्राप्त हो सकेंगी।
साथ ही नेपाल की सुरक्षा स्थिति से जुड़ी रिपोर्ट की नियमित समीक्षा करने को भी कहा गया है।















