मंदसौर, 31 अगस्त।
मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में सोमवार को मल्हारगढ़ कृषि उपज मंडी के सामने फोरलेन पर दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। सांवलियाजी के दर्शन के लिए बाइक से जा रहे पति-पत्नी को रॉन्ग साइड से आए एक अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में बाइक चला रहे ईश्वरसिंह पिता गंगासिंह राजपूत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी मुन्नीबाई गंभीर रूप से घायल हो गईं।
ईश्वरसिंह शाजापुर जिले की मोहन बड़ोदिया तहसील के लसुड़िया जगमाल गांव के निवासी थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों पति-पत्नी सड़क पर जा गिरे। दुर्घटना के बाद मृतक और घायल महिला काफी समय तक सड़क पर पड़े रहे।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना दिए जाने के बावजूद करीब आधे घंटे तक एंबुलेंस घटनास्थल पर नहीं पहुंच सकी। इसके बाद कृषि उपज मंडी के व्यापारियों, हम्मालों और किसानों ने तत्परता दिखाई और गंभीर रूप से घायल मुन्नीबाई को ट्रैक्टर की सहायता से उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।
सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस अब टक्कर मारने वाले अज्ञात वाहन और उसके चालक की पहचान करने के प्रयास में जुटी है।
मंडी के सामने रॉन्ग साइड से वाहनों की आवाजाही पर सवाल
स्थानीय लोगों के मुताबिक मल्हारगढ़ कृषि उपज मंडी के सामने यातायात व्यवस्था लंबे समय से गंभीर समस्या बनी हुई है। आरोप है कि कृषि उपज लेकर मंडी पहुंचने वाले ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहन निर्धारित दिशा का पालन करने के बजाय फोरलेन पर रॉन्ग साइड से मंडी की ओर आते-जाते हैं।
तेज रफ्तार वाहनों वाले फोरलेन पर विपरीत दिशा से वाहनों की आवाजाही को स्थानीय लोग हादसों का बड़ा कारण बता रहे हैं। उनका कहना है कि इस समस्या की ओर कई बार जिम्मेदार विभागों का ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन यातायात व्यवस्था के लिए अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
दस वर्षों में करीब 20 मौतों का दावा
स्थानीय लोगों का दावा है कि कृषि उपज मंडी शुरू होने के बाद पिछले करीब दस वर्षों में मंडी के सामने हुए अलग-अलग सड़क हादसों में लगभग 20 लोगों की जान जा चुकी है। इसके बाद भी इस दुर्घटनाजन्य क्षेत्र में यातायात को सुरक्षित बनाने के लिए स्थायी व्यवस्था नहीं की जा सकी है।
लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभागों से मंडी के सामने रॉन्ग साइड से होने वाली वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने की मांग की है। साथ ही यातायात व्यवस्था को दुरुस्त कर भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की गई है।















