नई दिल्ली, 31 अगस्त।
बलोचिस्तान के स्वतंत्रता समर्थक मीर यार बलोच ने कहा है कि बलोच समाज के भीतर एक खामोश क्रांति चल रही है। उनका दावा है कि बलोचिस्तान की आजादी की मांग को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और कई क्षेत्रों में हालात पाकिस्तान के नियंत्रण से बाहर हो चुके हैं।
मीर यार बलोच लंबे समय से बलोचों के अधिकारों के मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाते रहे हैं। वे लेखक, पत्रकार और मानवाधिकार कार्यकर्ता होने के साथ ‘आजाद बलोच आंदोलन’ के प्रतिनिधि भी हैं। वह मई 2025 में बलोचिस्तान को स्वतंत्र देश घोषित करने की बात कह चुके हैं।
स्वतंत्र बलोचिस्तान की मांग के राजनीतिक आधार पर उन्होंने कहा कि बलोचिस्तान की अपनी अलग ऐतिहासिक पहचान, भाषा, जीवनशैली, कानून और भौगोलिक क्षेत्र रहा है। उनके अनुसार, दुनिया के साथ इसके कूटनीतिक, राजनीतिक और आर्थिक संबंधों का भी पुराना इतिहास रहा है।
उन्होंने कहा कि बलोचिस्तान की स्वतंत्रता को मान्यता देने से क्षेत्र में अस्थिरता या सुरक्षा संबंधी खतरे पैदा होने की आशंका जताने वाले लोग बलोच समाज के मूल्यों, सहिष्णुता और शांतिप्रिय स्वभाव को नहीं समझते। उनका आरोप है कि ऐसे विचार पाकिस्तान के कूटनीतिक दावों और प्रचार से प्रभावित हैं।
मीर यार बलोच ने दावा किया कि बलोचों ने पाकिस्तान की सेना को नकार दिया है और कई इलाकों में उसका प्रभाव सीमित हो गया है। उनके अनुसार, स्वतंत्रता समर्थक सुरक्षाबल विभिन्न प्रमुख सड़कों और क्षेत्रों में सक्रिय हैं तथा स्थानीय लोग उन्हें अपना रक्षक मानते हैं।
उन्होंने यह भी दावा किया कि पाकिस्तानी सेना को देखकर कई लोग अपने घरों के दरवाजे बंद कर लेते हैं। मीर यार बलोच के अनुसार, पाकिस्तान यह संघर्ष पहले ही हार चुका है और बलोच समाज के भीतर बदलाव की एक खामोश लहर चल रही है।
बलोच आंदोलन के पीछे विदेशी शक्तियों के समर्थन संबंधी पाकिस्तान के आरोपों पर उन्होंने कहा कि बलोचों को अलगाववादी कहना उचित नहीं है। उनके अनुसार, बलोचिस्तान की अपनी अलग पहचान और विशाल भौगोलिक क्षेत्र है तथा वे पाकिस्तान के कब्जे के खिलाफ अपने अधिकारों की मांग कर रहे हैं।
उन्होंने पाकिस्तान सरकार और सेना के बयानों पर सवाल उठाते हुए उन पर तथ्यों को छिपाने और अपने हितों के लिए अंतरराष्ट्रीय सहायता के उपयोग का आरोप लगाया। मीर यार बलोच ने कहा कि पाकिस्तान के कुछ पूर्व अधिकारियों ने भी अमेरिका से मिली सहायता और अफगानिस्तान में अपने हितों से जुड़ी बातें सार्वजनिक रूप से स्वीकार की हैं।
मीर यार बलोच ने कहा कि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय समुदाय या भारत से सहायता मिलने की स्थिति में स्वतंत्रता समर्थक बल एक वर्ष के भीतर पाकिस्तानी सेना को बलोचिस्तान से बाहर निकालने में सक्षम होंगे। ये सभी दावे और आरोप मीर यार बलोच के अपने बयान हैं।















