हैदराबाद, 31 अगस्त।
तेलंगाना के पूर्व पुलिस महानिदेशक और हैदराबाद के पूर्व पुलिस आयुक्त अंजनी कुमार को सार्वजनिक सेवा और पुलिसिंग के क्षेत्र में उनके लंबे एवं विशिष्ट योगदान के लिए ‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। देहरादून में आयोजित समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। इस पुरस्कार के लिए चुने गए तीन वरिष्ठ सिविल और पुलिस सेवा अधिकारियों में अंजनी कुमार भी शामिल रहे।
इस अवसर पर उत्तराखंड के भारतीय वन सेवा अधिकारी समीर सिन्हा और कर्नाटक की भारतीय वन सेवा अधिकारी मीनाक्षी नेगी को भी सम्मानित किया गया। अंजनी कुमार का प्रशासनिक और पुलिस सेवा का लंबा अनुभव राज्य, केंद्र और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों से जुड़ा रहा है।
बिहार के जहानाबाद जिले के कोइल गांव के मूल निवासी अंजनी कुमार वर्ष 1990 बैच के भारतीय पुलिस सेवा अधिकारी हैं। उन्होंने अपने पुलिस करियर की शुरुआत पूर्ववर्ती वारंगल जिले के जनगांव में सहायक पुलिस अधीक्षक के रूप में की थी। इसके बाद उन्हें कई महत्वपूर्ण जिलों और पुलिस इकाइयों में जिम्मेदारियां मिलीं।
उन्होंने गुंटूर और प्रकाशम जिलों में पुलिस अधीक्षक के रूप में सेवाएं दीं। बाद के वर्षों में निजामाबाद और गुंटूर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक, अपराध अनुसंधान प्रकोष्ठ के पुलिस उपमहानिरीक्षक तथा ग्रेहाउंड्स के पुलिस महानिरीक्षक जैसे महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल में भी अपनी सेवाएं दीं।
उनके करियर का एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय पड़ाव वर्ष 1998-99 में आया, जब उन्होंने बोस्निया में संयुक्त राष्ट्र अंतरराष्ट्रीय पुलिस टास्क फोर्स के साथ सेवाएं दीं। वहां उनके कार्य को सराहा गया और उन्हें दो बार संयुक्त राष्ट्र शांति पदक से सम्मानित किया गया।
अंजनी कुमार को देश में भी पुलिस सेवा के दौरान कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त हुए। मेधावी सेवा के लिए भारतीय पुलिस पदक, विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक और आंतरिक सुरक्षा तथा उग्रवाद विरोधी अभियानों में योगदान के लिए आंतरिक सुरक्षा पदक से उन्हें सम्मानित किया जा चुका है।
मार्च 2018 से दिसंबर 2021 तक उन्होंने हैदराबाद के पुलिस आयुक्त के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान शहर की पुलिस व्यवस्था, सार्वजनिक सुरक्षा और समुदाय आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही। इसके बाद उन्होंने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो का नेतृत्व किया और आगे तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक के रूप में कार्य किया।
उनकी अंतिम पदस्थापना आंध्र प्रदेश के कारा महानिदेशक के रूप में रही। पुलिसिंग, प्रशासन, आंतरिक सुरक्षा और उग्रवाद विरोधी अभियानों में उनके अनुभव का दायरा तीन दशकों से अधिक लंबे सेवाकाल में फैला रहा।
‘लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड’ को सार्वजनिक सेवा और पुलिस व्यवस्था के क्षेत्र में अंजनी कुमार के लंबे, समर्पित और उल्लेखनीय योगदान की पहचान के रूप में देखा जा रहा है।















