सागर, 31 अगस्त।
सागर में नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और औषधि नियमों के उल्लंघन के खिलाफ औषधि प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। शहर के विभिन्न मेडिकल स्टोर्स के औचक निरीक्षण में गंभीर अनियमितताएं सामने आने पर दो दुकानों के लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं। वहीं एक मेडिकल स्टोर का लाइसेंस सात दिनों के लिए निलंबित किया गया है।
ड्रग इंस्पेक्टर सोनम जैन ने सोमवार को शहर के मेडिकल प्रतिष्ठानों की जांच की। निरीक्षण के दौरान ऋषभ इंटरप्राइजेज में नशीली दवाओं के क्रय-विक्रय और इस गतिविधि में संलिप्तता की पुष्टि होने पर दुकान का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया गया।
आईटीआई के सामने संचालित विष्णु मेडिकल भी कार्रवाई की जद में आया। निरीक्षण के समय दुकान बंद मिली और उसके संचालन की स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। इस पर औषधि प्रशासन ने मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निरस्त कर दिया।
फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति पर संवृद्धि मेडिकल के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। औषधि नियमों के तहत मेडिकल स्टोर में पंजीकृत और योग्य फार्मासिस्ट की उपस्थिति अनिवार्य है। जांच के दौरान कोई फार्मासिस्ट नहीं मिलने पर दुकान का लाइसेंस सात दिन के लिए निलंबित कर दिया गया।
विजय टॉकीज रोड स्थित श्री पटेल मेडिकल के निरीक्षण में एविल वायल 10 मिलीलीटर के स्टॉक और क्रय-विक्रय संबंधी दस्तावेजों में गंभीर गड़बड़ियां मिलीं। संचालक को नारकोटिक्स दवाओं और एविल वायल से जुड़े सभी वैध दस्तावेज तीन दिन के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
औषधि प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित या निरस्त किया जा सकता है। निरीक्षण के दौरान लिए गए दवाओं के नमूनों को गुणवत्ता जांच के लिए शासकीय औषधि परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जाएगा।
गौरतलब है कि पिछले माह भी औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम, 1945 के तहत सागर जिले के 13 मेडिकल स्टोर्स के लाइसेंस निलंबित किए गए थे। ताजा कार्रवाई के बाद मेडिकल संचालकों में हड़कंप है और प्रशासन ने साफ किया है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री तथा नियमों की अनदेखी पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।















