कीव, 01 सितंबर।
यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के इलाकों पर रूस के भीषण हवाई हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल हुए हैं। अधिकारियों के अनुसार, रातभर मिसाइलों और हमलावर ड्रोन से बड़े पैमाने पर हमला किया गया।
कीव क्षेत्र के सैन्य प्रशासन प्रमुख तिमूर तकाचेंको ने बताया कि मंगलवार रात क्षेत्र रूसी मिसाइलों और ड्रोन के भारी हमले की चपेट में रहा। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने इसे रूसी आतंक करार देते हुए मृतकों में एक भारतीय नागरिक के शामिल होने की जानकारी दी।
जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से यूक्रेन की वायु रक्षा क्षमता को और मजबूत करने की अपील की। उन्होंने कहा कि रूस के हमलों से होने वाली तबाही को रोकने के लिए प्रभावी हवाई सुरक्षा बेहद जरूरी है।
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को के मुताबिक, राजधानी पर रातभर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई। पांच अन्य लोग घायल हुए, जिनमें दो बच्चे भी शामिल हैं।
कीव क्षेत्र में चार और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अधिकारियों के अनुसार, बोरिस्पिल उपनगर में एक आवासीय इमारत क्षतिग्रस्त हुई, जहां से 50 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस अपने हमलों की योजना अधिकतम तबाही फैलाने के उद्देश्य से बनाता है और वायु रक्षा क्षमता अपर्याप्त होने पर उसे इसमें सफलता मिलती है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने रातभर कीव और ओडेसा में सैन्य तथा ऊर्जा प्रतिष्ठानों के साथ इन शहरों के आसपास के क्षेत्रों को निशाना बनाया।
यूक्रेन की सीमा सेवा के अनुसार, रूसी सेना ने रोमानिया की सीमा पर स्थित ओरलिवका नौका चौकी को भी निशाना बनाया। रोमानिया नाटो का सदस्य देश है।
इस बीच, रूस में यूक्रेनी ड्रोन हमले के बाद उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के प्रमुख निर्यात केंद्र उस्त-लुगा के बंदरगाह इलाके में आग लग गई। राजधानी मॉस्को में भी ड्रोन हमलों को रोकने की कार्रवाई की गई।
समारा क्षेत्र में यूक्रेनी ड्रोन हमले ने नोवोकुइबिशेव्स्क शहर को निशाना बनाया, जिससे एक अपार्टमेंट इमारत की खिड़कियां टूट गईं। यह इलाका और वोल्गा नदी के आसपास का क्षेत्र रूस की कई प्रमुख तेल रिफाइनरियों का केंद्र है, जिनका संचालन सरकारी तेल कंपनी रोसनेफ्ट करती है।
रूस के बेलगोरोद क्षेत्र के कार्यवाहक गवर्नर ने भी यूक्रेनी हमले में एक व्यक्ति की मौत की जानकारी दी।
रूस और यूक्रेन दोनों ही जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बनाने से इनकार करते रहे हैं।
इसी बीच यूक्रेन की ड्रोन फोर्स के कमांडर ने दावा किया कि अगस्त में रूस की तथाकथित छाया बेड़े की 54 नौकाओं को निशाना बनाया गया। उनका उद्देश्य रूस के युद्ध वित्तपोषण से जुड़ी अवैध तेल बिक्री को रोकना बताया गया।
ये हमले ऐसे समय हुए हैं, जब यूरोपीय संघ के रक्षा और विदेश मंत्री आयरलैंड में यूक्रेन की वायु रक्षा को मजबूत करने पर चर्चा के लिए जुट रहे हैं।
यूक्रेन को इंटरसेप्टर मिसाइलों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, खासकर बैलिस्टिक खतरों से निपटने के लिए इस्तेमाल होने वाली अमेरिका निर्मित पैट्रियट प्रणालियों की।
हाल के महीनों में दोनों देशों ने लंबी दूरी के हमलों को तेज किया है। इन हमलों में गोदामों, कारोबारी प्रतिष्ठानों, तेल और बंदरगाह सुविधाओं के साथ जहाजों को भी निशाना बनाया गया है, जिससे आम नागरिकों की हताहतों की संख्या बढ़ी है।














