यूट्रेक्ट, 01 सितंबर।
बलूच नेशनल मूवमेंट ने नीदरलैंड के यूट्रेक्ट शहर में प्रदर्शन कर बलूचिस्तान में कथित मानवाधिकार उल्लंघनों का मुद्दा उठाया। प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तानी बलों पर हजारों लोगों को जबरन गायब करने, न्यायिक प्रक्रिया के बिना हत्याएं करने और अन्य गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों के आरोप लगाए।
यह प्रदर्शन जबरन गुमशुदगी के पीड़ितों के अंतरराष्ट्रीय दिवस के अवसर पर आयोजित किया गया। इसमें कई राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए और उन्होंने जबरन गायब किए गए लोगों तथा उनके परिवारों के प्रति एकजुटता जताई।
हर वर्ष 30 अगस्त को मनाए जाने वाले इस दिवस को संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2011 में मान्यता दी थी। इसका उद्देश्य जबरन गुमशुदगी जैसे गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के प्रति दुनिया का ध्यान आकर्षित करना और पीड़ितों व उनके परिवारों के सम्मान में आवाज उठाना है।
संगठन के अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लोगों ने जबरन गायब किए गए व्यक्तियों की तस्वीरें हाथों में लीं। बैनर और तख्तियों के माध्यम से बलूचिस्तान में जबरन गुमशुदगी को तत्काल समाप्त करने तथा पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की गई।
सभा को संबोधित करने वाले वक्ताओं ने कहा कि जबरन गुमशुदगी ने बलूच समाज पर गहरा और विनाशकारी प्रभाव डाला है। उनका कहना था कि बलूचिस्तान में शायद ही कोई परिवार इस पीड़ा और आघात से अछूता रहा हो।















