भोपाल, 01 सितंबर।
मध्य प्रदेश की पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री कृष्णा गौर ने विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए छात्रावासों में विद्यार्थियों की सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। मंत्रालय में मंगलवार को हुई समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित सभी 106 छात्रावासों में 8 सितंबर से मेस का संचालन अनिवार्य रूप से शुरू किया जाए।
राज्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रावासों में रहने वाले विद्यार्थियों को निर्धारित समय पर पौष्टिक और उच्च गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में विदेश में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। कृष्णा गौर ने विदेश अध्ययन छात्रवृत्ति योजना के पोर्टल को पूरे वर्ष संचालित रखने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि आवेदन प्रक्रिया को सरल और निरंतर बनाए रखने के लिए पोर्टल को बंद नहीं किया जाना चाहिए।
चयन प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए यह व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए कि प्रत्येक तीन माह में समिति की बैठक आयोजित की जाए। इसके अलावा कम से कम 25 आवेदन प्राप्त होने पर भी समिति की बैठक बुलाकर अभ्यर्थियों के साक्षात्कार लिए जाएंगे, ताकि पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ समय पर मिल सके।
राज्यमंत्री गौर ने विभागीय अधिकारियों को कार्यों में तेजी लाने और शासन की सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ पारदर्शी और त्वरित व्यवस्था के साथ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना आवश्यक है।
समीक्षा बैठक में विभाग के सचिव अनुराग चौधरी, आयुक्त सतेन्द्र सिंह, सलाहकार आरके यादव सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।















