वाशिंगटन, 01 सितंबर।
अमेरिका ने ईरान पर आर्थिक शिकंजा और कसने की तैयारी शुरू कर दी है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के साथ व्यापार करने वाले लोगों और संस्थानों के खिलाफ जल्द नए प्रतिबंध लगाए जाएंगे। अमेरिका इस संगठन से जुड़ी संपत्तियों का भी पता लगाने में जुटा है।
जी-20 की वित्तीय बैठक के दौरान बेसेंट ने ईरान के खिलाफ अमेरिका का सख्त रुख स्पष्ट किया। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई से ईरान की नौसेना, वायुसेना और ड्रोन क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है। उनके अनुसार ड्रोन निर्माण से जुड़ी ईरान की अधिकांश फैक्ट्रियों को भी क्षति पहुंचाई गई है।
अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा कि ईरान इस समय सैन्य और आर्थिक दोनों मोर्चों पर कठिन परिस्थितियों का सामना कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन की नीति ईरानी शासन पर आर्थिक दबाव को और अधिक बढ़ाने की है और इसके लिए आगे भी कड़े कदम उठाए जाएंगे।
बेसेंट के अनुसार, प्रस्तावित कार्रवाई केवल ईरान की संस्थाओं तक सीमित नहीं रहेगी। ईरान या उसकी सेना से कारोबार करने वाले अन्य देशों के कारोबारी और वित्तीय संस्थान भी अमेरिकी प्रतिबंधों के दायरे में आ सकते हैं। अमेरिका पहले से ही ईरान से जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर कार्रवाई की दिशा में काम कर रहा है और इस सप्ताह एक ईरानी बैंक पर भी नए प्रतिबंध लगाए जाने की संभावना जताई गई है।
उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन आईआरजीसी की दुनिया भर में मौजूद संपत्तियों की पहचान कर उन्हें निशाना बनाने का प्रयास कर रहा है। इस पूरी मुहिम का उद्देश्य ईरान की आर्थिक क्षमता को कमजोर करने के साथ उसके सैन्य ढांचे पर वित्तीय दबाव बढ़ाना है।















