रेहोवोत, 31 अगस्त।
नोबेल पुरस्कार से सम्मानित इजराइली वैज्ञानिक और एक्स-रे क्रिस्टलोग्राफर अदा योनाथ का 87 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वाइजमैन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस ने उनके निधन की जानकारी दी। उन्होंने अपने वैज्ञानिक जीवन का बड़ा हिस्सा इसी संस्थान में बिताया था।
अदा योनाथ को वर्ष 2009 में राइबोसोम की संरचना और उसके कार्य से जुड़े महत्वपूर्ण अनुसंधान के लिए रसायन विज्ञान का नोबेल पुरस्कार मिला था। उनके शोध ने कोशिकाओं के भीतर प्रोटीन बनने की प्रक्रिया को समझने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
उनके वैज्ञानिक कार्य ने अधिक प्रभावी एंटीबायोटिक के विकास की दिशा में नई संभावनाएं खोलीं। साथ ही एंटीबायोटिक-प्रतिरोधी बैक्टीरिया से निपटने के लिए वैज्ञानिकों को महत्वपूर्ण आधार मिला।
वाइजमैन इंस्टीट्यूट के मुताबिक, एंटीबायोटिक प्रतिरोध जैसी 21वीं सदी की गंभीर चिकित्सा चुनौतियों से मुकाबले की कोशिशों में उनका शोध बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
वर्ष 1939 में यरुशलम में जन्मीं अदा योनाथ का बचपन आर्थिक संघर्षों में बीता। उन्होंने कम उम्र में काम करना शुरू कर दिया था, लेकिन शिक्षा का सफर जारी रखा।
वर्ष 1968 में उन्होंने वाइजमैन इंस्टीट्यूट से एक्स-रे क्रिस्टलोग्राफी में पीएचडी पूरी की। इसके बाद उन्होंने विज्ञान के क्षेत्र में अपने शोध और उपलब्धियों से एक अलग पहचान बनाई।
इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने उन्हें देश के वैज्ञानिक इतिहास की प्रमुख हस्तियों में शामिल बताया। उन्होंने अदा योनाथ को ऐसी अग्रणी महिला वैज्ञानिक कहा, जिन्होंने जिज्ञासा, समर्पण और दृढ़ संकल्प के बल पर ज्ञान की सीमाओं को आगे बढ़ाया।















