काठमांडू, 01 सितंबर।
नेपाल में आई भीषण बाढ़ के बाद त्रिशूली और नारायणी नदी के तटीय इलाकों से अब तक 321 शव बरामद किए गए हैं। इनमें से 280 शवों का फॉरेंसिक परीक्षण किया जा चुका है और उनकी पहचान के लिए डीएनए नमूने भी लिए गए हैं।
बरामद शवों को चितवन के देवघाट स्थित प्रबंधन स्थल पर सुरक्षित रखा गया है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में पहचान की प्रक्रिया सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार यह व्यवस्था की गई है।
भरतपुर अस्पताल के प्रवक्ता डॉ. रामप्रसाद सापकोटा के अनुसार, 26 अगस्त की रात से सुरक्षाकर्मी त्रिशूली नदी से बरामद शवों को अस्पताल पहुंचाकर सुरक्षित रख रहे थे। इसके अगले दिन सुबह से फॉरेंसिक विशेषज्ञों के नेतृत्व में चिकित्सकों की टीम ने पहचान संबंधी जांच शुरू कर दी।
इस दौरान शवों का फॉरेंसिक परीक्षण, डीएनए सहित जैविक नमूनों का संकलन और आवश्यक रिकॉर्ड तैयार करने का काम किया गया।
जिला पुलिस कार्यालय चितवन के प्रमुख पुलिस अधीक्षक रामेश्वर पौडेल के अनुसार, त्रिशूली और नारायणी नदियों से अब तक कुल 321 शव मिल चुके हैं। इनमें से 12 शवों की पहचान होने के बाद उनके परिजन उन्हें अपने साथ ले जा चुके हैं।
बरामद शवों में 66 महिलाएं, 116 पुरुष, सात बालक और छह बालिकाएं शामिल हैं। इसके अलावा 126 शव ऐसे हैं, जिनकी पहचान या स्थिति अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।
पुलिस के अनुसार, सभी शवों को भविष्य में पहचान के लिए सुरक्षित रखने की व्यवस्था देवघाट स्थित प्रबंधन स्थल पर की गई है। भाद्र 13 को 96, भाद्र 14 को 103 और भाद्र 15 को 81 शवों का प्रबंधन किया गया।
नदी किनारे शवों की तलाश का अभियान अब भी रोजाना जारी है। नदी से मिलने वाले शवों को पहले भरतपुर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है, जहां फॉरेंसिक जांच और डीएनए नमूने लेने के बाद उन्हें देवघाट के प्रबंधन स्थल पर सुरक्षित रखा जा रहा है।















