बिश्केक, 01 सितंबर।
किर्गिजस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन का 26वां शिखर सम्मेलन शुरू हो गया है। संगठन की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित इस सम्मेलन को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संबोधित करेंगे।
इस वर्ष शिखर सम्मेलन की विषयवस्तु शंघाई सहयोग संगठन के 25 वर्ष और टिकाऊ शांति, विकास तथा समृद्धि की दिशा में साझा यात्रा पर केंद्रित है। संगठन में भारत, चीन और रूस सहित कुल 10 सदस्य देश शामिल हैं। भारत वर्ष 2017 से इसका पूर्ण सदस्य है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने संबोधन में सुरक्षा, संपर्क और अवसर के क्षेत्रों में भारत की प्राथमिकताओं को प्रमुखता से रखेंगे। भारत आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद के खिलाफ लड़ाई में दोहरे मानदंडों का लगातार विरोध करता रहा है।
भारत का मानना है कि सदस्य देशों के बीच बेहतर संपर्क क्षेत्र में शांति और समृद्धि के लिए आवश्यक है। साथ ही भारत की यह भी स्पष्ट राय है कि संपर्क से जुड़ी सभी परियोजनाओं में प्रत्येक देश की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान होना चाहिए।
भारत सदस्य देशों के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने और नवउद्यम व्यवस्था को बढ़ावा देने पर भी जोर देता रहा है। भारत के अनुसार युवाओं की ऊर्जा, नवाचार और उद्यमिता क्षेत्रीय विकास तथा आपसी सहयोग को नई गति दे सकती है।
किर्गिजस्तान की अपनी दो दिवसीय यात्रा के पहले दिन प्रधानमंत्री मोदी ने शिखर सम्मेलन के दौरान रूस, ईरान, किर्गिज गणराज्य और आर्मेनिया के नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठकें कीं।
इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं और आपसी हितों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार शाम बिश्केक में छठे विश्व घुमंतू खेलों के आधिकारिक उद्घाटन समारोह में भी हिस्सा लिया। इस अवसर पर शंघाई सहयोग संगठन के अन्य सदस्य देशों के नेता भी मौजूद रहे।
दो वर्ष में आयोजित होने वाला यह खेल आयोजन घुमंतू सभ्यताओं की समृद्ध खेल परंपराओं, संस्कृति और विरासत का उत्सव है।















