नई दिल्ली, 1 सितंबर।
ओडिशा में प्रस्तावित रामेश्वर-पारादीप तटीय राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को बोलीदाताओं से जोरदार प्रतिक्रिया मिली है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 160 किलोमीटर लंबे इस तटीय गलियारे के दो पैकेजों के लिए कुल 17 बोलियां प्राप्त हुई हैं।
करीब 8,300.79 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला नियंत्रित पहुंच वाला ग्रीनफील्ड गलियारा ओडिशा के प्रमुख पर्यटन स्थलों, बंदरगाहों और कई जिलों को बेहतर संपर्क उपलब्ध कराएगा। यह राष्ट्रीय राजमार्ग-16 और राष्ट्रीय राजमार्ग-316 के लिए वैकल्पिक मार्ग के रूप में भी काम करेगा।
परियोजना को दो हिस्सों में बांटकर बोलियां आमंत्रित की गई थीं। 79.4 किलोमीटर लंबे चार लेन के रामेश्वर-कोणार्क पैकेज के लिए 10 बोलियां मिलीं। वहीं 80.7 किलोमीटर लंबे दो लेन के कोणार्क-पारादीप पैकेज के लिए सात बोलीदाताओं ने रुचि दिखाई। दोनों पैकेजों का निर्माण हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत होगा।
इस परियोजना को जून में केंद्रीय मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति से मंजूरी मिली थी। निर्माण के दौरान करीब 53.6 लाख प्रत्यक्ष और 67 लाख अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार सृजित होने की संभावना है।
परियोजना पूरी होने के बाद वाहनों की डिजाइन गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी। रामेश्वर से पारादीप के बीच यात्रा समय करीब दो घंटे 30 मिनट तक कम होने की उम्मीद है। इससे श्री जगन्नाथ मंदिर, पुरी समुद्र तट और कोणार्क सूर्य मंदिर तक पहुंच भी तेज और सुगम होगी।
यह गलियारा पुरी, कोणार्क, पारादीप बंदरगाह और प्रस्तावित पुरी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को बेहतर सड़क संपर्क देगा। अस्तरंग और सुबर्णरेखा जैसे विकसित हो रहे बंदरगाहों तक माल और यात्री परिवहन को भी इससे सुविधा मिलने की उम्मीद है।
खुर्दा, पुरी, केंद्रापड़ा और जगतसिंहपुर जिलों के बीच संपर्क मजबूत होगा। मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्गों पर बढ़ते स्थानीय यातायात और सड़क किनारे विकसित बस्तियों के कारण लंबी दूरी के तेज यातायात में आने वाली बाधाओं को नया गलियारा कम करेगा।
प्राधिकरण के अनुसार, नए मार्ग से यात्रा दूरी और समय के साथ ईंधन की खपत, कार्बन उत्सर्जन तथा वाहनों के परिचालन खर्च में भी कमी आएगी। माल ढुलाई सस्ती होने और तटीय क्षेत्रों में पर्यटन, व्यापार तथा बंदरगाह आधारित गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।















