भोपाल, 01 सितंबर।
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश के कई इलाकों में अगले चार दिनों तक तेज से अति भारी वर्षा होने की संभावना है।
मंगलवार को उमरिया और बालाघाट के लिए अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं सतना और रीवा सहित 15 जिलों में भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है। लगातार बारिश के चलते मैहर जिले में मंगलवार को भी सभी शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे।
मौसम केंद्र भोपाल के मुताबिक, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय कम दबाव के क्षेत्र और ट्रफ के कारण 4 सितंबर तक जबलपुर, रीवा, शहडोल, सागर, भोपाल, नर्मदापुरम, उज्जैन और ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश की गतिविधियां तेज रहेंगी।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार 1 और 2 सितंबर को पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश का असर अधिक रहेगा। 3 सितंबर को भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। इसके बाद 4 सितंबर को मौसम तंत्र का प्रभाव उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग तक पहुंच सकता है।
आज दो जिलों में अति भारी बारिश का अलर्टमंगलवार को उमरिया और बालाघाट में बहुत तेज बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भी भारी बारिश होने की चेतावनी है।
भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़ और विदिशा समेत कई जिलों में कहीं तेज और कहीं हल्की बारिश हो सकती है। इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन और झाबुआ में भी वर्षा का अनुमान है।
उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम में भी बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर भी प्रभावित जिलों में शामिल हैं।
नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी अलग-अलग स्थानों पर तेज या हल्की बारिश होने का अनुमान जताया गया है।
मैहर में स्कूल-कालेजों की छुट्टीमैहर में लगातार हो रही भारी बारिश और नदी-नालों के उफान को देखते हुए 1 सितंबर को सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है। जिला प्रशासन के निर्देश पर इस संबंध में सोमवार देर रात आदेश जारी किया गया।
लगातार बारिश से प्रदेश के बांधों और जलाशयों में पानी की स्थिति बेहतर हुई है। अधिकांश जलाशयों में करीब 70 प्रतिशत तक जलभराव हो चुका है और कुछ बांधों के गेट भी खोलने पड़े हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के बांधों में स्थिति अभी अपेक्षाकृत बेहतर नहीं बताई गई है।
भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। यह अब पूर्ण जलभराव स्तर से केवल 0.30 फीट नीचे है। तालाब के पूरी तरह भरने पर भदभदा बांध के गेट खोले जाएंगे।
भदभदा से छोड़ा गया पानी कलियासोत बांध तक पहुंचेगा, जिससे वहां भी जलस्तर में बढ़ोतरी होगी।
अब तक 27.7 इंच बारिश दर्जप्रदेश में अब तक 702.9 मिलीमीटर यानी 27.7 इंच बारिश हो चुकी है। सामान्य स्थिति में इस अवधि तक 782.6 मिलीमीटर यानी 30.8 इंच वर्षा होनी चाहिए थी।
इस हिसाब से मध्य प्रदेश में अब तक 3.1 इंच कम बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश में कुल वर्षा सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। पूर्वी हिस्से में औसत से 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 15 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में भी औसत से करीब 5 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है। बालाघाट, छतरपुर, डिंडौरी, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर और मंडला समेत कई जिलों में सामान्य से कम पानी बरसा है।
मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी और टीकमगढ़ में भी बारिश सामान्य स्तर से नीचे रही है।
पश्चिमी हिस्से के आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, दतिया, देवास, धार, हरदा और इंदौर समेत कई जिलों में भी सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है।
झाबुआ, मुरैना, मंदसौर, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, खंडवा, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, श्योपुर, शिवपुरी, उज्जैन और विदिशा में भी बारिश का आंकड़ा औसत से कम रहा है।
दूसरी ओर अनूपपुर, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में औसत से अधिक वर्षा दर्ज की गई है।
अगले चार दिनों में पूर्वी और मध्य प्रदेश के कई क्षेत्रों में बारिश बढ़ने की संभावना है, जिससे प्रदेश में अब तक हुई कुल वर्षा के आंकड़े में और सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।















