नई दिल्ली, 1 सितंबर।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बुधवार को नई दिल्ली के सुषमा स्वराज भवन में आयोजित जल शक्ति मंत्रालय के विभागीय शिखर सम्मेलन के समापन सत्र में शामिल होंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री सभा को संबोधित भी करेंगे।
जल शक्ति मंत्रालय का यह दो दिवसीय सम्मेलन 1 और 2 सितंबर को आयोजित किया जा रहा है। विभागीय शिखर सम्मेलनों की श्रृंखला में यह पहला आयोजन है, जिसका उद्देश्य टीम इंडिया की भावना को मजबूत करना और केंद्र तथा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
सम्मेलन में केंद्र और राज्य सरकारों के राजनीतिक नेतृत्व के साथ वरिष्ठ अधिकारी भी भाग ले रहे हैं। जल क्षेत्र की प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा के साथ राज्यों की बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा किया जा रहा है। क्रियान्वयन में आने वाली चुनौतियों के समाधान और समयबद्ध कार्ययोजनाएं तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
बैठक में चार प्रमुख विषयों पर विचार-विमर्श होगा। इनमें जल अवसंरचना परियोजनाओं को समय पर पूरा करना, जल संचय जन भागीदारी अभियान, पेयजल प्रणालियों के स्रोतों की निरंतरता और जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत ग्रामीण पेयजल योजनाओं का संचालन एवं रखरखाव शामिल है।
इन चर्चाओं के जरिए जल परियोजनाओं को गति देने, संरक्षण में जनभागीदारी बढ़ाने और पेयजल स्रोतों की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम तय किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल सेवाओं को अधिक विश्वसनीय और जवाबदेह बनाने पर भी जोर रहेगा।















