काठमांडू, 01 सितंबर।
बाढ़ और भूस्खलन के बढ़ते खतरे को देखते हुए चीन ने नेपाल से जुड़े अपने दो प्रमुख व्यापारिक सीमा नाकों रसुवागढ़ी और तातोपानी को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है।
भोटेकोशी नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने रसुवागढ़ी सीमा क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। टिमुरे बाजार के साथ सीमा शुल्क कार्यालय, आव्रजन कार्यालय और कई अन्य संरचनाएं पूरी तरह ध्वस्त हो गई हैं।
इसी स्थिति के बीच चीन ने नेपाल के साथ व्यापार के लिए महत्वपूर्ण तातोपानी सीमा नाके को भी बंद कर दिया है। इससे दोनों देशों के बीच प्रमुख व्यापारिक मार्गों पर असर पड़ा है।
ल्हासा स्थित नेपाली महावाणिज्यदूत लक्ष्मी निरौला के अनुसार, लिपिङ क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा समाप्त होने तक चीनी पक्ष के व्यापारिक गतिविधियां दोबारा शुरू करने की संभावना नहीं है।
हालांकि सीमा नाकों से यात्रियों की आवाजाही जारी रहेगी। व्यापारिक गतिविधियों पर रोक फिलहाल जोखिमपूर्ण परिस्थितियों के सामान्य होने तक लागू रहेगी।
रसुवागढ़ी और तातोपानी दोनों प्रमुख नाकों के बंद होने के बाद चीन के साथ व्यापार के लिए नेपाल के पास अब कोरला सीमा नाका ही एकमात्र प्रमुख विकल्प बचा है।















