नई दिल्ली, 1 सितंबर।
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मुख्यालय प्रभारी एवं गुजरात भाजपा प्रभारी राज्यसभा सांसद तरुण चुग ने अमृतसर में अपने आवास के बाहर आम आदमी पार्टी के प्रदर्शन को लेकर अरविंद केजरीवाल और पार्टी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने 1984 के सिख विरोधी नरसंहार के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी से कई सवाल उठाए।
तरुण चुग ने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल ने कांग्रेस के उन नेताओं के साथ राजनीतिक मंच साझा किया, जिन पर 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े गंभीर आरोप और मामले रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में केजरीवाल का भाजपा को इस मुद्दे पर उपदेश देना उचित नहीं है।
भाजपा नेता ने सवाल किया कि वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने दिल्ली में कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव क्यों लड़ा। उन्होंने कांग्रेस के साथ राजनीतिक गठबंधन को लेकर भी केजरीवाल से जवाब मांगा।
चुग ने कहा कि वर्ष 2013 में कांग्रेस के समर्थन से दिल्ली में सरकार बनने के बाद आम आदमी पार्टी ने 1984 से जुड़े मामलों में निर्णायक कार्रवाई के लिए क्या कदम उठाए। उन्होंने यह भी पूछा कि पीड़ितों के लिए विशेष जांच और कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए सत्ता में रहते हुए क्या प्रयास किए गए।
उन्होंने कहा कि केवल राजनीतिक प्रदर्शन कर पुराने घावों पर राजनीति करना उन परिवारों के साथ न्याय नहीं है, जो लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा करते रहे हैं।
तरुण चुग ने दावा किया कि भाजपा ने 1984 के सिख विरोधी नरसंहार के पीड़ितों को न्याय दिलाने का मुद्दा लगातार उठाया है। उनके अनुसार, जिन मामलों में कांग्रेस शासन के दौरान कार्रवाई लंबित रही, उनमें मोदी सरकार के कार्यकाल में विशेष जांच दल और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं के माध्यम से कार्रवाई आगे बढ़ी।
भाजपा नेता ने कहा कि आम आदमी पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि वह 1984 के पीड़ितों के साथ खड़ी है या कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक संबंधों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने केजरीवाल और आम आदमी पार्टी पर राजनीतिक दोहरेपन का आरोप लगाया।
चुग ने कहा कि भाजपा कानून और न्याय की सर्वोच्चता में विश्वास करती है तथा 1984 के मामलों में कार्रवाई अदालतों और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से आगे बढ़नी चाहिए। उन्होंने आम आदमी पार्टी से प्रदर्शन और आरोप लगाने से पहले कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक गठजोड़ पर जनता को जवाब देने की मांग की।















