इस्लामाबाद, 02 सितंबर।
पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन उजमा खान ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं होने का आरोप लगाते हुए एक बार फिर अदालत में अवमानना याचिका दायर की है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस मामले में यह उनकी दूसरी अवमानना याचिका है।
याचिका में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ रावलपिंडी की अदियाला जेल के अधीक्षक साजिद बैग, पंजाब के जेल महानिरीक्षक मियां सालिक जलाल, गृह मंत्रालय के सचिव अहमद सरवर रजा और इस्लामाबाद कैपिटल टेरिटरी के मुख्य आयुक्त सोहेल अशरफ को प्रतिवादी बनाया गया है।
उजमा खान का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट ने 18 अगस्त को इमरान खान को अपनी बहनों से साप्ताहिक मुलाकात और बेटों के साथ वीडियो माध्यम से बातचीत की अनुमति देने के निर्देश दिए थे, लेकिन उन आदेशों को लागू नहीं किया गया। उन्होंने दावा किया कि मंगलवार को भी परिवार को इमरान खान से मिलने की अनुमति नहीं मिली।
याचिका में कहा गया है कि इमरान खान मार्च के बाद से अपने बेटों कासिम और सुलेमान से बातचीत नहीं कर सके हैं। अदालत ने बेटों से सप्ताह में दो बार फोन पर बात कराने की व्यवस्था के निर्देश भी दिए थे, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई व्यवस्था नहीं की गई है। उजमा खान ने सुप्रीम कोर्ट से अपने आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है।
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ ने भी जेल प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि अदालत के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद परिवार को मुलाकात से रोकना न्यायिक आदेशों के पालन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। पार्टी ने इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को कानून तथा अदालत के निर्देशों के अनुसार परिवार से मिलने की अनुमति देने की मांग की है।















