राजगढ़, 02 सितंबर।
मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के सुठालिया क्षेत्र में स्थित घुरेल पहाड़ी धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का विशेष संगम है। पहाड़ी की ऊंचाइयों के बीच स्थापित भगवान पशुपतिनाथ का मंदिर और उनकी विशाल प्रतिमा श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
चारों ओर फैली हरियाली, शांत वातावरण और पहाड़ी से गुजरती ठंडी हवाओं के बीच यह स्थान शिवभक्ति का अलग अनुभव कराता है। प्राकृतिक परिवेश में बसे इस धाम में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है।
घुरेल पहाड़ी पर स्थापित भगवान पशुपतिनाथ की विशाल प्रतिमा मंदिर परिसर की प्रमुख पहचान है। यह प्रतिमा दूर से ही दिखाई देती है और अपने भव्य स्वरूप से लोगों का ध्यान आकर्षित करती है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रतिमा के निर्माण में उपयोग किया गया विशेष पत्थर विदेश से मंगवाया गया था और इसकी नक्काशी जयपुर में कराई गई थी।
महाशिवरात्रि पर उमड़ते हैं श्रद्धालु
मंदिर में पूरे वर्ष श्रद्धालुओं का आना-जाना बना रहता है, लेकिन महाशिवरात्रि और अन्य प्रमुख धार्मिक पर्वों पर यहां विशेष रौनक दिखाई देती है। इन अवसरों पर बड़ी संख्या में भक्त घुरेल पहाड़ी पहुंचकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं।
धार्मिक आयोजनों के दौरान मंदिर परिसर घंटियों की ध्वनि और शिव जयकारों से गूंज उठता है। श्रद्धालु भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कर सुख, शांति, परिवार की समृद्धि और मंगल की कामना करते हैं।
प्रकृति के सान्निध्य में शिव आराधना
घुरेल पहाड़ी का प्राकृतिक सौंदर्य यहां के धार्मिक अनुभव को और खास बनाता है। हरियाली से घिरा खुला और शांत पहाड़ी क्षेत्र लोगों को प्रकृति के निकट आने का अवसर देता है। यहां का वातावरण शिव आराधना के साथ आध्यात्मिक अनुभूति को और गहरा करता है।
भगवान पशुपतिनाथ की विशाल प्रतिमा, मंदिर का धार्मिक महत्व और घुरेल पहाड़ी की प्राकृतिक खूबसूरती इस स्थान को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण बना सकती है। श्रद्धालुओं के साथ ही शांति और प्राकृतिक वातावरण की तलाश में आने वाले लोगों के लिए भी यह स्थान आकर्षण का केंद्र बन सकता है।
राजगढ़ जिले की धार्मिक विरासत में घुरेल पहाड़ी स्थित पशुपतिनाथ धाम का विशेष महत्व है। यहां शिवभक्ति के साथ पहाड़ों की हरियाली और शांत वातावरण लोगों को प्रकृति के सान्निध्य का अनुभव भी कराता है।















