नई दिल्ली, 2 सितंबर।
कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड बढ़ने के साथ पश्चिम एशिया के तनाव ने दुनिया भर के शेयर बाजारों को जोखिम भरे दौर में ला खड़ा किया है। वैश्विक स्तर पर निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं जिससे एशियाई और अमेरिकी बाजारों से कमजोरी के साफ संकेत मिल रहे हैं।
अमेरिकी बाजार में पिछले सत्र के दौरान चौतरफा बिकवाली का दबाव देखा गया और वॉल स्ट्रीट के सूचकांक लाल निशान के साथ बंद हुए। एस एंड पी पांच सौ इंडेक्स और नैस्डेक में भारी गिरावट दर्ज की गई जबकि डाउ जोन्स फ्यूचर्स भी मामूली कमजोरी के साथ कारोबार करता दिखा।
यूरोपीय शेयर बाजारों का हाल भी इससे जुदा नहीं रहा और वहां के प्रमुख सूचकांक लगातार बिकवाली के दबाव से जूझते रहे। एफटीएसई, सीएसी और डीएएक्स जैसे दिग्गज सूचकांक भारी गिरावट के साथ अपने पिछले सत्र के निचले स्तरों पर बंद हुए।
एशियाई बाजारों में आज कारोबार की शुरुआत से ही भारी बिकवाली का माहौल बना हुआ है और सभी प्रमुख सूचकांक दबाव में नजर आ रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी से लेकर जकार्ता कंपोजिट तक के सभी बाजार लाल निशान के दायरे में कारोबार कर रहे हैं।
कोस्पी और निक्केई सूचकांकों में आज जबरदस्त गिरावट देखने को मिली है जिससे निवेशकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। इसके अलावा ताइवान वेटेड और हैंग सेंग जैसे बाजार भी भारी नुकसान के साथ फिसलते हुए नजर आ रहे हैं।
शंघाई कंपोजिट, सेट कंपोजिट और स्ट्रेट्स टाइम्स जैसे अन्य एशियाई सूचकांक भी मामूली से लेकर भारी गिरावट के बीच कारोबार कर रहे हैं। वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों का रुझान फिलहाल सुरक्षित निवेश विकल्पों की तरफ अधिक दिखाई दे रहा है।















