नई दिल्ली, 2 सितंबर।
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के टोल प्लाजा पर फर्जी वसूली और रकम में हेरफेर से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने बड़ी कार्रवाई की है।
एजेंसी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र, जम्मू, मध्य प्रदेश, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और कोलकाता समेत चौदह ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापे मारे हैं।
लखनऊ क्षेत्रीय कार्यालय की टीमों द्वारा धनशोधन निवारण अधिनियम के तहत यह छापेमारी की कार्रवाई पूरी सख्ती के साथ की जा रही है।
यह पूरी जांच इस साल दर्ज की गई विभिन्न प्राथमिकियों और आधिकारिक सूचना रिपोर्ट के आधार पर बहुत पहले शुरू की गई थी।
जांच में यह बात सामने आई थी कि टोल प्लाजा पर आधिकारिक व्यवस्था से हटकर फर्जी रसीदें तैयार करने के लिए अनधिकृत सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस तरह के साफ्टवेयर के जरिए टोल से मिलने वाली रकम को सरकारी लेखा प्रणाली से बाहर भेजने का बड़ा खेल चल रहा था।
फोरेंसिक जांच और राजमार्ग प्राधिकरण से मिले दस्तावेजों से अनधिकृत रसीदों और धन के हेरफेर की पुष्टि होने के बाद यह तलाशी अभियान चलाया गया है।
छापेमारी का मुख्य मकसद डिजिटल उपकरणों और जरूरी दस्तावेजों को जब्त करना तथा इस अवैध धंधे से लाभ कमाने वाले लोगों की पहचान करना है।
एजेंसी की विशेष टीमें मौके से बरामद इलेक्ट्रॉनिक सामान और कागजातों की बारीकी से जांच-पड़ताल कर रही हैं ताकि मामले की तह तक पहुंचा जा सके।















