नई दिल्ली, 02 सितंबर।
भारत और सेशेल्स के बीच संसदीय सहयोग तथा द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने पर बुधवार को संसद भवन में चर्चा हुई। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से सेशेल्स नेशनल असेंबली की अध्यक्ष अज़ारेल अर्नेस्टा ने प्रतिनिधिमंडल के साथ मुलाकात की। दोनों पक्षों ने लोकतांत्रिक मूल्यों की साझा विरासत और संसदीय संबंधों को नई मजबूती देने के उपायों पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में स्वास्थ्य, डिजिटल परिवर्तन, बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने इस मुलाकात को भारत और सेशेल्स के बीच संसदीय संबंधों को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर बताया।
ओम बिरला ने सेशेल्स की पहली महिला स्पीकर के रूप में लोकतांत्रिक संस्थाओं को सशक्त बनाने के लिए अज़ारेल अर्नेस्टा के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने भारत और सेशेल्स के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने तथा सेशेल्स की स्वतंत्रता के 50 वर्ष पूरे होने पर बधाई भी दी।
दोनों नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की हालिया सेशेल्स यात्रा और वहां की संसद में उनके संबोधन से द्विपक्षीय संबंधों को मिली नई गति पर प्रसन्नता जताई। बिरला ने दोनों देशों की संसदों के बीच सहयोग बढ़ाने और लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया।
लोकसभा अध्यक्ष ने सेशेल्स के सांसदों को भारतीय संसद का भ्रमण करने का निमंत्रण दिया। उन्होंने भारतीय संसदीय व्यवस्था, समिति प्रणाली और संसद पुस्तकालय से उन्हें परिचित कराने का प्रस्ताव भी रखा।
बिरला ने प्रतिनिधिमंडल को भारतीय संसद में तकनीक, नवाचार, डिजिटल संसद और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के उपयोग से हुए बदलावों की जानकारी दी। संसदीय क्षमता निर्माण के क्षेत्र में प्राइड् के माध्यम से भारत के अनुभव साझा करने तथा सेशेल्स के सांसदों और अधिकारियों को इसके प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जुड़ने का सुझाव दिया गया।
बैठक में संस्कृति, शिक्षा और पर्यटन के जरिए दोनों देशों के जनसंपर्क को मजबूत करने तथा ग्लोबल साउथ की आवाज को प्रभावी बनाने के लिए सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। बिरला ने हिंद महासागर क्षेत्र में सेशेल्स को भारत का विश्वसनीय साझेदार बताते हुए ‘विजन महासागर’ में उसकी भूमिका का उल्लेख किया और संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों पर शांति व स्थिरता के लिए सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया।















