भोपाल, 02 सितंबर।
मध्य प्रदेश को ड्रोन निर्माण, परीक्षण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में देश के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में राज्य शासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। इसी उद्देश्य से विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा आईआईएसईआर भोपाल और ड्रोन क्षेत्र से जुड़े प्रमुख हितधारकों के साथ बुधवार को उच्चस्तरीय औद्योगिक गोलमेज बैठक आयोजित की गई।
विभाग के प्रमुख सचिव एम. सेल्वेंद्रन ने बैठक में ड्रोन क्षेत्र के विस्तार, निवेश और नवाचार को लेकर राज्य शासन की प्राथमिकताओं की जानकारी साझा की। चर्चा में ड्रोन क्षेत्र की प्रमुख कंपनियों, नवउद्यमों, उद्योग संगठनों, अनुसंधान संस्थानों और इस क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया। गरुड़, डीएफआई, आइडियाफोर्ज, एनएफएसयू, प्रखर और आईजेडआई सहित कई संस्थानों एवं कंपनियों के प्रतिनिधि इसमें शामिल हुए।
बैठक में प्रदेश में ड्रोन निर्माण, परीक्षण, अनुसंधान और नवाचार के लिए मजबूत तंत्र तैयार करने पर महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए। ड्रोन क्षेत्र के लिए आवश्यक अधोसंरचना, परीक्षण एवं प्रमाणन सुविधाओं, कौशल विकास, अनुसंधान सहयोग और ग्वालियर में प्रस्तावित ड्रोन निर्माण एवं परीक्षण समूह के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
मध्य प्रदेश को ड्रोन प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बनाने की तैयारी
बैठक में प्रदेश की औद्योगिक क्षमता, प्रशिक्षित मानव संसाधन, रणनीतिक भौगोलिक स्थिति और प्रगतिशील नीतियों के आधार पर मध्य प्रदेश को ड्रोन प्रौद्योगिकी के लिए देश के प्रमुख गंतव्यों में शामिल करने के रोडमैप पर चर्चा हुई। इसमें निर्माण सुविधाएं, साझा परीक्षण व्यवस्था, उड़ान परीक्षण क्षमता, नवाचार मंच तथा उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रतिभा और कौशल विकास को शामिल किया गया है।
आईआईएसईआर भोपाल में बनेगा उत्कृष्टता केंद्र
औद्योगिक गोलमेज बैठक में आईआईएसईआर भोपाल में ड्रोन प्रौद्योगिकी आधारित उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने के राज्य शासन के निर्णय की सराहना की गई। इसका उद्देश्य उन्नत अनुसंधान, उत्पाद विकास, नवउद्यमों को सहयोग, प्रौद्योगिकी परीक्षण और नई पीढ़ी के ड्रोन उपयोगों को प्रोत्साहन देना है।
जुलाई 2026 में मध्य प्रदेश मंत्रिमंडल ने लगभग 85.51 करोड़ रुपये की लागत से इस उत्कृष्टता केंद्र की स्थापना को मंजूरी दी थी। यहां कृत्रिम बुद्धिमत्ता, स्वायत्त प्रणालियां, ड्रोन अनुकरण, डिजिटल प्रतिरूप, मानवरहित विमान डिजाइन और निर्माण जैसी आधुनिक तकनीकों पर कार्य किया जाएगा। साथ ही प्रारूप परीक्षण, अवधारणा सत्यापन, नवउद्यमों को सहयोग और उभरती तकनीकों के व्यावसायिक उपयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।
ग्वालियर में तैयार होगा एकीकृत ड्रोन समूह
ग्वालियर में प्रस्तावित ड्रोन निर्माण एवं परीक्षण समूह के तहत ड्रोन निर्माण, प्रारूप विकास, पुर्जों की जांच, प्रमाणन और उड़ान परीक्षण के लिए एकीकृत अधोसंरचना विकसित की जाएगी। प्रतिभागियों ने साझा निर्माण सुविधाएं, पुर्जा परीक्षण प्रयोगशाला, उड़ान परीक्षण व्यवस्था और उद्योग आधारित कौशल विकास को लेकर अपने सुझाव रखे।
बैठक में कई प्रतिभागियों ने ड्रोन निर्माण, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार, प्रायोगिक परियोजनाओं और प्रतिभा विकास के क्षेत्र में मध्य प्रदेश के साथ साझेदारी करने में रुचि दिखाई।
सुझावों से तैयार होगा ड्रोन विकास का रोडमैप
गोलमेज बैठक में प्राप्त सुझावों को प्रदेश के ड्रोन तंत्र के विकास के लिए तैयार किए जा रहे रोडमैप में शामिल किया जाएगा। ये सुझाव ग्वालियर में प्रस्तावित समूह, आईआईएसईआर भोपाल के उत्कृष्टता केंद्र, निवेश आकर्षित करने और उच्च मूल्य वाले रोजगार के अवसर बढ़ाने की आगामी योजनाओं का आधार बनेंगे।
बैठक में मध्य प्रदेश ड्रोन प्रोत्साहन एवं उपयोग नीति-2025 की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया गया। इस नीति के माध्यम से निवेश, नवाचार, कौशल विकास और प्रमाणन सहयोग को बढ़ावा देने के साथ कृषि, रसद, अधोसंरचना, सुशासन, आपदा प्रबंधन और औद्योगिक क्षेत्रों में ड्रोन तकनीक के उपयोग को प्रोत्साहित करने का उद्देश्य रखा गया है।















