नोएडा, 2 सितंबर।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ग्रेटर नोएडा में आयोजित उद्यमियों के एक कार्यक्रम के दौरान रक्षा क्षेत्र में लघु एवं मध्यम उद्योगों की संभावनाओं पर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा कि आईडेक्स और अदिति जैसी योजनाओं ने स्टार्ट-अप्स और छोटे उद्योगों को सशस्त्र बलों की जरूरतों के लिए नए समाधान विकसित करने का शानदार अवसर दिया है।
देश के उद्यमियों को रक्षा क्षेत्र को केवल सरकारी खरीद का बाजार समझने की भूल से बचना चाहिए और इसे तकनीक तथा वैश्विक व्यापार का बड़ा मौका मानना चाहिए।
तिलपता गांव के पास स्थित एक बैंक्वेट हॉल में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की पैंतीसवीं वार्षिक जनरल मीटिंग और बिजनेस डेवलपमेंट अवार्ड का आयोजन किया गया था।
इस बड़े कार्यक्रम में प्रदेश भर से एक हजार से अधिक प्रतिष्ठित उद्यमियों ने हिस्सा लिया जिसकी शुरुआत जल संरक्षण के संकल्प के साथ की गई थी।
रक्षामंत्री ने बताया कि सार्वजनिक उपक्रमों के प्रमुखों के साथ हुई बैठक में यह सामने आया कि वर्तमान में सोलह हजार से अधिक छोटे उद्योग इस रक्षा तंत्र से जुड़े हैं।
विकसित भारत के निर्माण में इन उद्योगों की भूमिका बेहद अहम है और आने वाले समय में यह जिम्मेदारी और अधिक तेजी से बढ़ने वाली है।
उन्होंने कहा कि दुनिया आज एक भरोसेमंद विनिर्माण साझीदार की तलाश कर रही है जिससे भारत के सामने एक सुनहरा अवसर आ खड़ा हुआ है।
सरकार कई प्रमुख देशों और वैश्विक संगठनों के साथ मुक्त व्यापार समझौतों की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठा रही है जो हमारे कारोबारियों के लिए फायदेमंद साबित होंगे।
देश में छोटे उद्योगों की संख्या जो साल बारह-तेरह के दौरान साढ़े चार करोड़ के करीब थी, वह बढ़कर अब लगभग नौ करोड़ तक पहुंच चुकी है।















