रायपुर, 2 सितंबर।
उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने कहा कि छत्तीसगढ़ अब भय, अभाव और नक्सलवाद की पुरानी छवि से बाहर निकलकर शांति, विकास और नई संभावनाओं के दौर की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों की पहचान कभी हिंसा से होती थी, वहां अब सड़क, स्कूल, अस्पताल, संपर्क सुविधाएं और निवेश पहुंच रहे हैं।
उपराष्ट्रपति बुधवार को एम्स रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं में आए बदलाव के लिए एम्स रायपुर की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

उन्होंने कहा कि उन्नत चिकित्सा सुविधाओं, स्वास्थ्य अनुसंधान और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में संस्थान ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। राज्य का पहला ‘स्वैप किडनी ट्रांसप्लांट’ भी संस्थान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में शामिल है।
दीक्षांत समारोह में विभिन्न संकायों के उत्कृष्ट छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए स्वर्ण पदक और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह में स्नातक, स्नातकोत्तर, सुपर-स्पेशियलिटी, डॉक्टरेट और संबद्ध स्वास्थ्य विज्ञान पाठ्यक्रमों के कुल 689 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की गईं।
डिग्री प्राप्त करने वालों में 376 छात्राएं और 313 छात्र शामिल रहे। मध्य भारत के इस प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थान में आयोजित समारोह में विद्यार्थियों की उपलब्धियों का सम्मान किया गया।

कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण नशे के खिलाफ शपथ भी रही। सभी विद्यार्थियों ने नशीले पदार्थों से दूर रहने और समाज तथा अपने साथियों को इनके दुष्प्रभावों और खतरों के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल, राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल मौजूद रहे।
एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रो. डॉ. संजीव हांडा और कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल भी समारोह में उपस्थित रहे।















