इन दिनों एक बड़े साहब अपनी सेहत को लेकर बहुत चिंतित हैं। उन्हें कुछ निशुल्क सलाह देने वाले साथियों ने देशी उत्पादों को ग्रहण करने का सुझाव क्या दिया, साहब सुबह से लेकर शाम तक पानी से लेकर सब्जी, गेहूं, दूध, दाल, चावल सहित हर चीज देशी ही खा रहे हैं। उनके विभाग के कुछ कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि घने से घने जंगलों से ढूंढकर देशी खाद्य सामग्री उन्हें उपलब्ध कराई जाए।















