बॉन, 2 सितंबर।
अंतरराष्ट्रीय पैरालंपिक समिति ने डोपिंग के एक मामले में ईरान के प्रसिद्ध पैरा एथलीट सैयद अलीअसगर जावनमर्दी पर तीन साल का कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है।
इस बड़ी कार्रवाई के बाद नई दिल्ली में आयोजित दो हजार पच्चीस की विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में पुरुष शॉट पुट स्पर्धा में जीता उनका स्वर्ण पदक भी रद्द कर दिया गया है।
जांच के दौरान एथलीट के दोनों मूत्र नमूनों में ऑक्सांड्रोलोन नामक प्रतिबंधित पदार्थ पाए जाने की पुष्टि हुई थी।
पहला सैंपल ईरान की एजेंसी द्वारा प्रतियोगिता से बाहर लिया गया था जबकि दूसरा सैंपल नई दिल्ली में चैंपियनशिप के दौरान अंतरराष्ट्रीय समिति द्वारा लिया गया था।
वाडा की प्रतिबंधित सूची के अनुसार यह पदार्थ एनाबॉलिक एंड्रोजेनिक स्टेरॉयड श्रेणी के अंतर्गत आता है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए समिति ने पिछले साल अक्टूबर में ही उन्हें अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था जिसके बाद खिलाड़ी ने नियमों का उल्लंघन स्वीकार कर लिया।
यह तीन साल का प्रतिबंध उसी पुरानी तारीख से प्रभावी माना जाएगा और दो हजार अट्ठाइस तक पूरी तरह जारी रहेगा।
इस प्रतिबंध के दौरान वह किसी भी तरह की खेल प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं ले सकेंगे हालांकि उन्हें पुनर्वास कार्यक्रमों में भाग लेने की छूट दी गई है।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि डोपिंग रोधी संहिता के तहत एथलीट अपने नमूनों में मिलने वाले प्रतिबंधित पदार्थों के लिए खुद पूरी तरह जिम्मेदार होते हैं।















