तेहरान, 2 सितंबर।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिका और ईरान के बीच छिड़ा संघर्ष अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच चुका है। अमेरिकी हमलों का करारा जवाब देते हुए ईरानी सेना ने जॉर्डन, कुवैत और बहरीन को अपने हमलों का मुख्य निशाना बनाया है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने दावा किया है कि जॉर्डन स्थित प्रिंस हसन एयरबेस और अमेरिकी मरीन बेस पर भीषण बैलिस्टिक मिसाइल दागी गई हैं। सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने चेतावनी दी है कि अमेरिका को इस बार ऐसा सबक सिखाया जाएगा जिसे वह कभी भुला नहीं पाएगा।
कुवैत और बहरीन की रक्षा प्रणालियों ने ईरानी ड्रोनों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने भी स्पष्ट किया है कि वाणिज्यिक जहाजों और सैनिकों की सुरक्षा के लिए ईरानी ठिकानों पर लगातार सख्त सैन्य कार्रवाई की जा रही है।
ईरानी मीडिया के अनुसार दक्षिणी शहरों और बंदर अब्बास में कई जोरदार धमाके दर्ज किए गए हैं। सिरिक काउंटी में एक शादी के आयोजन पर गिरे गोले के कारण मासूम बच्चे समेत कई नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई और भारी तबाही मची है।
फरवरी माह में शीर्ष ईरानी नेतृत्व के मारे जाने के बाद से दोनों देशों के बीच युद्ध लगातार भड़का हुआ है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की कड़ी चेतावनियों के बावजूद तेहरान अपने आक्रामक तेवर पर पूरी तरह कायम है और खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों को लगातार घेर रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के समुद्री मार्गों पर भी टैंकरों को निशाना बनाए जाने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। इस बीच हूती विद्रोहियों ने खुलकर तेहरान का समर्थन किया है और अमेरिकी नीतियों को क्षेत्रीय अशांति का मुख्य कारण बताया है।
जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की है कि उसके हवाई क्षेत्र में कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं जिनमें से अधिकांश को नाकाम कर दिया गया। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि जॉर्डन में उसके किसी भी सैनिक की मौत की खबरें पूरी तरह बेबुनियाद हैं।















