शिवपुरी, 2 सितंबर।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के ग्राम गोराटीला में झरने के पानी के संपर्क में आने के बाद चार बच्चों की मौत से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की टीमों को जांच में लगाया है। झरने के पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं, ताकि संक्रमण या किसी जहरीले तत्व की मौजूदगी का पता लगाया जा सके।
जानकारी के अनुसार, शिवपुरी शहर के वार्ड क्रमांक 9 स्थित हम्माल मोहल्ला निवासी रजा मोहम्मद और फिजिकल थाना क्षेत्र के सामने रहने वाले तनवीर के परिवारों के कुल 15 सदस्य रविवार को गोराटीला स्थित झरने पर पिकनिक मनाने पहुंचे थे। वहां लोगों ने झरने में स्नान किया और भोजन भी किया। कुछ समय बाद बच्चों समेत कई लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। गंभीर हालत में बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चार बच्चों ने दम तोड़ दिया।
50 लोगों के लिए गए रक्त नमूने
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को तत्काल जांच के निर्देश दिए। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग ने चिकित्सकों की दो विशेष टीमें गठित कीं। पिकनिक में शामिल 15 लोगों के साथ उनके संपर्क में आए लोगों सहित कुल 50 व्यक्तियों के रक्त नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
इस बीच तौकीर अहमद की 17 वर्षीय पुत्री ताशीन की जांच में कुछ समस्या सामने आने पर चिकित्सकों ने उसका अल्ट्रासाउंड कराया और उपचार शुरू किया। चिकित्सकीय टीम उसकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।
झरने के पानी की होगी जांच
चार बच्चों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए झरने के पानी के नमूने भी एकत्र किए गए हैं। जांच के माध्यम से यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पानी में संक्रमण, कोई विषैला पदार्थ अथवा अन्य हानिकारक तत्व मौजूद था या नहीं।
कलेक्टर के निर्देश पर कोलारस एसडीएम शिवदयाल धाकड़ ने प्रशासनिक अधिकारियों, पटवारी, सरपंच और ग्रामीणों के साथ सिद्ध बाबा बरसाती नाले से निकलने वाले झरने और गोराटीला क्षेत्र का निरीक्षण किया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को गांव में घर-घर सर्वे कराने तथा किसी व्यक्ति में बीमारी के लक्षण मिलने पर तत्काल उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जांच रिपोर्ट आने तक पानी से दूर रहने की अपील
जिला प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ग्रामीणों और अन्य लोगों से जांच रिपोर्ट आने तक झरने के पानी का उपयोग नहाने, पीने या घरेलू कार्यों में नहीं करने की अपील की है। क्षेत्र की स्वास्थ्य संबंधी स्थिति पर प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है।
उधर, अपर कलेक्टर दिनेश चंद्र शुक्ला ने पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। उन्होंने रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से प्रत्येक मृतक बच्चे के परिवार को डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की आर्थिक सहायता के चेक सौंपे।















