पिछले दिनों एक बड़े साहब दौरे पर गए। उन्होंने पूरा-पूरा इंतजाम अपने विभाग के कारकूनों से करवाया। मध्य प्रदेश में तो साहब की दादागिरी सभी सहयोगी अधिकारी-कर्मचारी बर्दाश्त कर लेते हैं, लेकिन दूसरे राज्य में यह संभव नहीं हो सकता। यही कारण है कि साहब भ्रमण से लौटकर संबंधित को धन्यवाद की जगह सुविधाओं की कमी और अव्यवस्था का उलाहना देते हुए नजर आए।















