भोपाल, 02 सितंबर।
भोपाल संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा से संकल्प अभियान’ की तैयारियां पूरी गंभीरता और सूक्ष्म स्तर पर की जाएं। उन्होंने कहा कि अभियान के अंतर्गत प्रस्तावित सभी कार्यक्रमों के लिए जिलों और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूरी करना सुनिश्चित किया जाए।
बुधवार को कमिश्नर कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा पत्रों की समीक्षा बैठक में संभागायुक्त ने विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में संयुक्त आयुक्त डॉ. विनोद यादव, उपायुक्त राजस्व भारती देवी मिश्रा सहित संभागीय स्तर के विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
धरती आबा अभियान के गांवों तक पहुंचें सभी योजनाओं के लाभ
धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान की समीक्षा करते हुए संभागायुक्त शर्मा ने अधिकारियों से चयनित गांवों में एक माह के भीतर योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि विशेष अभियान चलाकर योजनाओं का प्रभावी संचालन किया जाए, ताकि भोपाल संभाग प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त कर सके।
जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए शुरू किए गए इस अभियान में भोपाल संभाग के 277 गांवों को शामिल किया गया है। इनमें भोपाल जिले का एक, विदिशा के 86, सीहोर के 80, रायसेन के 92 और राजगढ़ जिले के 18 गांव शामिल हैं। अभियान के तहत 17 विभागों की विभिन्न योजनाओं का समन्वित क्रियान्वयन किया जा रहा है।
संभागायुक्त ने कहा कि चयनित जनजातीय गांवों में सड़क, पक्के मकान, बिजली, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसी मूलभूत सुविधाओं की कमियों को दूर किया जाए। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का पूरा लाभ दिलाने के साथ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, पशुपालन और मत्स्यपालन योजनाओं से जोड़ा जाए। जनजातीय युवाओं और महिलाओं की आजीविका बढ़ाने के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाएं।
शिविरों से पहले चिन्हित हों लंबित शिकायतें
संभागायुक्त शर्मा ने आगामी माह आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के शिविरों की भी सूक्ष्म स्तर पर तैयारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिविर से पहले संबंधित विकासखंडों में लंबित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन शिकायतों और लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत समय-सीमा से बाहर हो चुके प्रकरणों की पहचान की जाए।
उन्होंने इन प्रकरणों का शिविरों के माध्यम से शत-प्रतिशत और संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। संभागायुक्त ने कहा कि अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और नागरिकों को निर्धारित समय में सेवाएं उपलब्ध कराना है। संवाद, समाधान, संवेदनशीलता और सादगी के साथ अधिक से अधिक जनशिकायतों का निराकरण किया जाए।
उन्होंने सभी संभागीय और विभागीय अधिकारियों को जिलों का नियमित दौरा करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों से लंबित शिकायतों और समय-सीमा से बाहर प्रकरणों का निराकरण करने, विभागीय संस्थाओं का निरीक्षण करने तथा योजनाओं की विस्तृत समीक्षा कर संबंधित जानकारी मुख्यमंत्री जन अभियान पोर्टल पर दर्ज करने को कहा गया।















