कूचबिहार, 02 सितंबर।
बार डांसर के अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म से जुड़े चर्चित मामले में कूचबिहार जिला अदालत ने दो दोषियों को सजा सुनाई है। मुख्य आरोपित की मां सरला धर को अपराध में सहयोग करने और साक्ष्य छिपाने के मामले में 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। मामले की दूसरी दोषी राखी राय को सश्रम आजीवन कारावास सुनाया गया।
अदालत ने दोनों दोषियों पर कुल एक लाख 52 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही पीड़िता के पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन में सहायता के लिए राज्य सरकार को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। मामले का मुख्य आरोपित महादेव धर अब भी फरार है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मंगलवार देर शाम इस मामले में सजा का फैसला सुनाया। यह मामला वर्ष 2023 का है। आरोप के अनुसार, 17 जनवरी को नदिया जिले के रानाघाट क्षेत्र की रहने वाली बार डांसर युवती को एक कार्यक्रम में ले जाने के बहाने सिलीगुड़ी से कार में बैठाया गया था।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, युवती को निर्धारित स्थान तक ले जाने के बजाय धमकाया गया और चलती कार में उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। बाद में उसे कूचबिहार के पुंडीबाड़ी थाना क्षेत्र स्थित मुख्य आरोपित के घर ले जाया गया, जहां उसके साथ कथित तौर पर मारपीट और अत्याचार किया गया।
जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपित की मां को घटना की जानकारी होने के बावजूद पुलिस को सूचना नहीं दी गई। उन पर पीड़िता को रोककर रखने और अपराध से जुड़े साक्ष्य मिटाने में सहयोग करने का आरोप सिद्ध हुआ। पीड़िता किसी तरह वहां से निकलकर पुंडीबाड़ी थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने राखी राय और सरला धर को गिरफ्तार किया था। मामले में 10 गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों को अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म, मारपीट, अवैध रूप से रोकने, आपराधिक साजिश और अपराध में सहयोग से जुड़ी विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराया।
अदालत के फैसले के बाद पीड़िता को पांच लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया गया है। उधर, फरार मुख्य आरोपित महादेव धर की तलाश में पुलिस की कार्रवाई जारी है।















