भोपाल, 02 सितंबर।
मध्य प्रदेश में अगस्त के दौरान लगातार भारी बारिश और कठिन मौसम परिस्थितियों के बीच मप्र पावर ट्रांसमिशन कंपनी ने विद्युत पारेषण नेटवर्क के विस्तार में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने एक माह में 132 केवी की छह नई ट्रांसमिशन लाइनों और सेकंड सर्किट के कार्य पूरे करते हुए कुल 135.90 सर्किट किलोमीटर का निर्माण पूरा किया है।
इन कार्यों में रेलवे के लिए तैयार की गई एक महत्वपूर्ण ट्रांसमिशन लाइन भी शामिल है। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद निर्धारित निर्माण कार्य पूरे होने को कंपनी की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने इस उपलब्धि पर अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विद्युत पारेषण व्यवस्था को अधिक मजबूत, भरोसेमंद और सक्षम बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और लगातार वर्षा के बावजूद कंपनी के अभियंताओं एवं कर्मचारियों ने समर्पण और दक्षता के साथ कार्य पूरा किया। इन परियोजनाओं से विभिन्न क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी और भविष्य में बढ़ने वाली विद्युत मांग को पूरा करने में भी सहायता मिलेगी।
अगस्त में पूरे हुए छह महत्वपूर्ण कार्य
मुख्य अभियंता के. एम. सिंघल के अनुसार, आलोट-ताल 132 केवी डबल सर्किट सिंगल स्ट्रिंग ट्रांसमिशन लाइन के सेकंड सर्किट का 19.56 सर्किट किलोमीटर कार्य पूरा किया गया। गंजबासौदा-सहरवासा लाइन के सेकंड सर्किट का 28.92 सर्किट किलोमीटर और कैमोर-बरही लाइन के सेकंड सर्किट का 32.40 सर्किट किलोमीटर निर्माण भी पूर्ण हुआ।
सनावद स्थित 132 केवी सब स्टेशन से आरटीएस निमारखेड़ी तक 15.90 सर्किट किलोमीटर लंबी 132 केवी डबल फेज डबल वायर रेलवे ट्रैक्शन लाइन का निर्माण भी पूरा किया गया। निर्माण संबंधी गंभीर चुनौतियों के कारण यह कार्य लंबे समय से पूरा नहीं हो पा रहा था, जिसे स्थानीय प्रशासन के सहयोग से वर्षाकाल में पूर्ण किया गया।
इसके अलावा बिलकिसगंज-मुगालिया छाप लाइन के सेकंड सर्किट का 17.27 सर्किट किलोमीटर और रतनगढ़-सिंगोली लाइन के सेकंड सर्किट का 21.85 सर्किट किलोमीटर निर्माण कार्य भी सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।















