नई दिल्ली, 2 सितंबर।
सरकार ने देश में चीनी की जमाखोरी और सट्टेबाजी पर लगाम कसने के लिए डीलरों के वास्ते स्टॉक रखने की सीमा को आधा कर दिया है।
अब व्यापारियों के लिए चीनी का भंडारण चार हजार क्विंटल से घटाकर दो हजार क्विंटल कर दिया गया है जो इसी महीने की पंद्रह तारीख से लागू होगा।
यह नया नियम इस साल तीस नवंबर तक प्रभावी रहेगा जिसका मुख्य उद्देश्य उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना और कीमतों में स्थिरता बनाए रखना है।
संशोधित प्रावधानों के तहत कोई भी व्यापारी स्टॉक मिलने की तारीख से तीस दिन से ज्यादा समय तक माल अपने पास नहीं रख पाएगा।
मंत्रालय के स्पष्ट निर्देश के अनुसार देश में किसी भी जगह और किसी भी समय निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
हालांकि कोलकाता और उसके आसपास के विस्तारित महानगर क्षेत्रों के विशेष बाजार को ध्यान में रखते हुए वहां भंडारण सीमा चार हजार क्विंटल ही रखी गई है।
उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने बताया कि कोलकाता क्षेत्र उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र से चीनी मंगाकर पूर्वोत्तर राज्यों समेत देश के पूर्वी हिस्सों में आपूर्ति करता है।
सरकार ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारू आपूर्ति बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं।















