अनूपपुर, 02 सितंबर।
छुलहा रेलवे स्टेशन और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़ी रेल सुविधाओं की समस्याओं को लेकर कांग्रेस 5 सितंबर को स्टेशन अधीक्षक के माध्यम से बिलासपुर रेल मंडल और बिलासपुर जोन के नाम ज्ञापन सौंपेगी। कार्यक्रम दोपहर एक बजे आयोजित किया जाएगा।
कांग्रेस के जैतहरी ब्लॉक अध्यक्ष रजन कुमार राठौर के अनुसार, ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान, पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रीति रमेश सिंह, जयसिंहनगर विधानसभा प्रभारी आशीष त्रिपाठी और पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहेंगे।
सेंदुरी, छुलहा, बर्री, अमगमा और पिपरिया सहित आसपास के गांवों के जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और आम नागरिक भी रेलवे से संबंधित मांगों के समर्थन में शामिल होंगे।
ज्ञापन की प्रमुख मांग कोरोना काल में बंद हुए यात्री ट्रेनों के छुलहा स्टेशन पर ठहराव को फिर से शुरू करने की है। कांग्रेस का कहना है कि कोरोना काल से पहले इंदौर-बिलासपुर, भोपाल-बिलासपुर, रीवा-बिलासपुर, बिलासपुर-चिरमिरी और दुर्ग-अंबिकापुर सहित कई यात्री ट्रेनें यहां रुकती थीं।
इन ट्रेनों के ठहराव से ग्रामीणों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों और अन्य यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिलती थी। कांग्रेस का आरोप है कि कोरोना काल के बाद इन ट्रेनों का ठहराव दोबारा शुरू नहीं किया गया, जिससे बड़ी संख्या में लोग परेशान हैं।
कांग्रेस के अनुसार छुलहा समेत नगदहा, सिन्दुरी, हर्री, बर्री, भगतबांध, मौहरी, अमगवा, बेलिया, बेला, टांकी, कुसमहाई, खिरनाटोला, कांसा, कोड़ा और अगरियानार सहित 15 से अधिक गांवों की करीब 30 हजार आबादी प्रभावित हो रही है।
रजन कुमार राठौर ने चेतावनी दी है कि पूर्व में रुकने वाली यात्री ट्रेनों का ठहराव जल्द बहाल नहीं किया गया तो कांग्रेस ग्रामीणों और यात्रियों के साथ मिलकर आंदोलन करेगी।
ज्ञापन में छुलहा रेलवे स्टेशन के फुट ओवरब्रिज के दोनों ओर विस्तार की मांग भी शामिल होगी। कांग्रेस का कहना है कि स्टेशन के सामने बस स्टैंड होने और रेलगाड़ियों के खड़े रहने के कारण लोगों को आवागमन में कठिनाई होती है तथा कुछ लोग मालगाड़ी के नीचे से रास्ता पार करने को मजबूर होते हैं।
पूर्व में स्टेशन के पास मौजूद लेवल क्रॉसिंग को हटाकर करीब एक किलोमीटर दूर अंडरब्रिज बनाया गया था। अब अंडरब्रिज से स्टेशन रोड और ग्राम पंचायत रोड तक स्थायी पक्की सड़क बनाने की मांग उठाई जाएगी।
हर्री-बर्री अंडरब्रिज, बीके-60 और बाईपास अंडरब्रिज में बारिश के दौरान होने वाले जलभराव का स्थायी समाधान भी ज्ञापन का हिस्सा होगा। समुचित जल निकासी नहीं होने से ग्रामीणों और राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ती है।
इसके साथ रेलवे क्षेत्र से जुड़े लिंक रोड के डामरीकरण, दोनों ओर नाली निर्माण और जल निकासी की उचित व्यवस्था की मांग भी रेल प्रशासन के सामने रखी जाएगी।















