अनूपपुर, 02 सितंबर।
मध्य प्रदेश के अमरकंटक में बारिश के बीच नगर परिषद की सीवर व्यवस्था प्रभावित होने से कई स्थानों पर गंदा पानी खुले में बहने लगा है। सीवर चैंबरों के ओवरफ्लो होने के कारण बदबूदार पानी नालियों और बरसाती पानी के साथ पवित्र नर्मदा नदी तक पहुंचने की बात सामने आई है। इसे लेकर नर्मदा की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण पर सवाल खड़े हो रहे हैं तथा श्रद्धालुओं और पर्यटकों में नाराजगी देखी जा रही है।
रामघाट क्षेत्र में सुलभ शौचालय के सामने बने सीवर चैंबर से गंदा पानी तेज धार के साथ बाहर निकल रहा है। यह पानी पार्किंग क्षेत्र और घाट की सीढ़ियों के आसपास से बहते हुए नर्मदा नदी में पहुंच रहा है। नाका चौराहा क्षेत्र में भी दूषित पानी वैतरणी नदी के रास्ते नर्मदा तक पहुंचने की जानकारी सामने आई है।
कोटितीर्थ घाट-कुंड के आसपास भी सीवर चैंबरों के ओवरफ्लो होने की समस्या बनी हुई है। लगातार बारिश के दौरान सीवर व्यवस्था पर बढ़ते दबाव के कारण अलग-अलग क्षेत्रों में गंदा पानी बाहर निकल रहा है।
नाक बंद कर गुजर रहे श्रद्धालु
रामघाट के समीप आयोजित शिव रुद्र महायज्ञ और भोजनालय पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को दुर्गंध और गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। बदबू के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बारिश के दौरान कुछ पर्यटक इस गंदे पानी को सामान्य पानी समझकर हाथ-पैर और मुंह भी धो लेते हैं। इससे संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सुलभ शौचालय का टैंक खाली कराने के बाद भी उसमें दोबारा सीवर का पानी भर जाता है।
नगर परिषद के मुख्य नगर अधिकारी चैन सिंह परस्ते ने बताया कि बारिश के कारण यह समस्या उत्पन्न हुई है। प्रभावित क्षेत्रों की जांच और सफाई के लिए कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि समस्या के कारणों का पता लगाकर उसका निराकरण कराने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थायी व्यवस्था की उठी मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश का पानी सीवर चैंबरों में पहुंचने से लाइनों पर दबाव बढ़ रहा है। मां नर्मदा के उद्गम स्थल अमरकंटक में दूषित सीवर का पानी नदी तक पहुंचना गंभीर चिंता का विषय बताया जा रहा है।
लोगों ने नगर परिषद से केवल अस्थायी सफाई तक सीमित नहीं रहने और सीवर व्यवस्था के लिए वैज्ञानिक तथा स्थायी समाधान करने की मांग की है, ताकि बारिश के दौरान भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।















