भोपाल, 2 सितंबर।
मध्य प्रदेश के पूर्वी इलाकों में मानसूनी सिस्टम के अत्यधिक सक्रिय रहने से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं।
सतना और चित्रकूट क्षेत्र इस भारी बारिश से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं जहां नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ने से रामघाट के आसपास की सैकड़ों दुकानें और कई होटल पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं।
हालात की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सतना जिले के सभी स्कूलों, कॉलेजों और आंगनबाड़ियों में अवकाश घोषित कर दिया है।
मौसम विभाग के अनुसार आज प्रदेश के बाईस जिलों में भारी बारिश और सात जिलों में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज और रेड अलर्ट है।
सीधी, पन्ना, कटनी, उमरिया, डिंडौरी, मंडला और सिवनी में अगले चौबीस घंटों के दौरान चार इंच से अधिक पानी गिरने की आशंका है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ के कारण यह बारिश हो रही है।
आने वाले दिनों में इस मानसूनी तंत्र का असर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों की ओर भी तेजी से बढ़ने की पूरी संभावना जताई गई है।
राज्य में अब तक सामान्य से थोड़ी कम कुल सत्ताईस इंच से अधिक बारिश दर्ज की जा चुकी है जिसका आंकड़ा सुधर रहा है।
विभिन्न संभागों में कम और ज्यादा बारिश की स्थिति के बीच मौसम विभाग लगातार स्थिति पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।















