काठमांडू, 03 सितंबर।
रसुवा की भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से प्रभावित नुवाकोट स्थित त्रिशूली-3ए जलविद्युत परियोजना में खोज और बचाव कार्य लगातार जारी है। बाढ़ के बाद मलबे में दबे परियोजना की सुरंग के मुहाने को खोलने के लिए नेपाली सेना के नेतृत्व में 93 सदस्यीय दल जुटा हुआ है। सुरंग के भीतर लोगों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए अभियान को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।
बचाव अभियान में नेपाली सेना के साथ चीनी दल और अन्य तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। टीम पांच खुदाई मशीनों, कंप्रेसर और ब्रेकर मशीनों की सहायता से भारी मलबा हटाने का प्रयास कर रही है। बाढ़ के कारण परियोजना की सुरंग और मुख्य संरचनाएं मिट्टी, कीचड़ तथा पत्थरों के नीचे दब गई हैं।
सुरंग के प्रवेश द्वार पर करीब 40 मीटर लंबा और 20 मीटर ऊंचा क्षतिग्रस्त लोहे का ढांचा, बड़े पत्थर और भारी मात्रा में मलबा जमा है। दिन-रात चले प्रयासों के बाद बचाव दल ऊपर की दिशा से सुरंग का करीब तीन फीट हिस्सा खोलने में सफल रहा है।
सुरंग में रास्ता बनने के बाद राहतकर्मी करीब 15 से 20 मीटर भीतर तक पहुंच चुके हैं। हालांकि, खुदाई मशीनों और अन्य बड़े उपकरणों को अंदर पहुंचाने के लिए सुरंग का पूरा मुहाना खोलना आवश्यक है। इसी कारण शेष मलबा हटाने का काम लगातार किया जा रहा है।
अभियान के दौरान सात बड़े पत्थरों को विस्फोट के जरिए हटाने के लिए तैयार किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इन पत्थरों को हटाने के बाद सुरंग के प्रवेश मार्ग को और अधिक खोलने में मदद मिल सकती है।
त्रिशूली-3ए परियोजना की यह सुरंग करीब 170 मीटर लंबी है और इसमें बड़ी मात्रा में मिट्टी तथा कीचड़ भर गया है। पूरी सुरंग को पार करने के बाद ही बचाव दल भीतर स्थित पावरहाउस और परियोजना की अन्य संरचनाओं तक पहुंच सकेगा।















