काठमांडू, 03 सितंबर।
नेपाल के रसुवा स्थित भोटेकोशी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया है। इसका असर नेपाल से होने वाले बिजली निर्यात पर भी पड़ा है। बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति पूरी तरह रोक दी गई है, वहीं भारत भेजी जाने वाली बिजली में भी कटौती करनी पड़ी है।
भोटेकोशी क्षेत्र में आई बाढ़ से चिलिमे और त्रिशूली जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इन दोनों परियोजनाओं से उत्पादित बिजली बांग्लादेश को निर्यात करने का समझौता था, लेकिन उत्पादन और प्रसारण ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण फिलहाल आपूर्ति संभव नहीं हो पा रही है।
नेपाल इन दोनों जलविद्युत परियोजनाओं से उत्पादित कुल 40 मेगावाट बिजली बांग्लादेश भेजता था। बाढ़ के बाद परियोजनाओं की संरचनाओं को हुए नुकसान के चलते इस बिजली निर्यात को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
नेपाल को भारत और बांग्लादेश को मिलाकर करीब 1,200 मेगावाट तक बिजली निर्यात की अनुमति प्राप्त थी। भोटेकोशी में आई बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट क्षेत्र की कई जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिससे बिजली उत्पादन में कमी आई है।
उत्पादन घटने के कारण नेपाल को भारत के लिए बिजली निर्यात में भी कटौती करनी पड़ी है। प्रभावित परियोजनाओं में उत्पादन दोबारा शुरू होने तक भारत को होने वाली बिजली आपूर्ति पर दबाव बने रहने की संभावना है।
बाढ़ से नेपाल विद्युत प्राधिकरण और निजी क्षेत्र की कुल 12 जलविद्युत परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें निर्माणाधीन परियोजनाओं के ढांचे के साथ पहले से संचालित परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।
नेपाल विद्युत प्राधिकरण के अनुसार, बाढ़ से प्रभावित जलविद्युत परियोजनाओं में बिजली उत्पादन फिर शुरू होने तक निर्यात के लिए उपलब्ध बिजली की मात्रा सीमित रहेगी। ऐसे में नेपाल की बिजली निर्यात व्यवस्था पर फिलहाल दबाव बना रहने की संभावना है।















