मुंबई, 03 सितंबर।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार ने देशभर में छह करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने बताया कि इस दिशा में अब तक करीब साढ़े तीन करोड़ महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं और शेष लक्ष्य को हासिल करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है।
मुंबई में लखपति दीदियों के साथ वृक्षारोपण अभियान में शामिल होने के बाद उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं से संवाद किया। बैंक अधिकारियों के साथ बैठक से पहले महिलाओं की समस्याओं और उनके अनुभवों को जानने के लिए यह चर्चा आयोजित की गई।
चौहान ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाओं को बैंक ऋण लेने में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जटिल कागजी प्रक्रिया, बार-बार बैंक के चक्कर, गारंटी अथवा गिरवी की मांग और जरूरत के अनुरूप पूरी ऋण राशि नहीं मिलना प्रमुख समस्याओं में शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि कई महिलाओं को अपना काम आगे बढ़ाने के लिए पांच लाख रुपये की आवश्यकता होती है, लेकिन उन्हें केवल डेढ़ लाख रुपये तक का ऋण मिल पाता है। इन बाधाओं को दूर करने के लिए बैंक अधिकारियों के साथ बैठक की जा रही है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों को बड़े स्तर पर ऋण उपलब्ध कराकर महिलाओं के व्यवसाय और आर्थिक सशक्तीकरण को मजबूती देना है। उन्होंने बताया कि समूहों को कुल 10 लाख करोड़ रुपये के ऋण उपलब्ध कराने और महिलाओं को अगले पांच वर्षों में एक लाख करोड़ रुपये के ऋण से सहयोग देने के लक्ष्य की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।














