नई दिल्ली, 03 सितंबर।
भारत और बेल्जियम ने रक्षा संबंधों तथा रक्षा औद्योगिक सहयोग को नई मजबूती देने पर जोर दिया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को बेल्जियम के रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा औद्योगिक सहयोग से जुड़े कई समझौता ज्ञापनों और अनुबंधों पर हस्ताक्षर भी किए गए।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ तीन दिवसीय भारत यात्रा पर आए थियो फ्रैंकन ने राजनाथ सिंह के साथ द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। दोनों पक्षों ने मौजूदा रक्षा संबंधों की समीक्षा करते हुए सहयोग की संभावनाओं को आगे बढ़ाने पर विचार किया।
राजनाथ सिंह ने कहा कि विश्व इस समय गंभीर भू-राजनीतिक और आर्थिक उथल-पुथल के दौर से गुजर रहा है। ऐसे माहौल में भारत के मित्र और महत्वपूर्ण साझेदार बेल्जियम के साथ विचारों तथा दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि भारत और बेल्जियम के संबंध आपसी सम्मान, लोकतांत्रिक मूल्यों और नियम आधारित वैश्विक व्यवस्था के प्रति साझा प्रतिबद्धता पर आधारित हैं। जुलाई में हुए भारत-बेल्जियम रणनीतिक संवाद ने दोनों देशों के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए संस्थागत आधार उपलब्ध कराया है।
रक्षा मंत्री ने रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने की पर्याप्त संभावनाएं बताईं। उन्होंने बेल्जियम और भारतीय रक्षा कंपनियों के बीच अधिक भागीदारी का स्वागत करते हुए इसे दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण बताया।
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों और रक्षा औद्योगिक सहयोग के पूरे दायरे की समीक्षा की है। उन्होंने बताया कि कई समझौता ज्ञापनों और अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए गए हैं, जिनका उद्देश्य बेल्जियम की तकनीक को भारत के कौशल और व्यापक औद्योगिक क्षमता के साथ जोड़ना है।
थियो फ्रैंकन ने भारत के साथ रक्षा और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की इच्छा जताई। उन्होंने कहा कि बेल्जियम के पास मजबूत तकनीकी क्षमता है, लेकिन भविष्य की परियोजनाओं के लिए भारत जैसे देशों के साथ साझेदारी आवश्यक है।
उन्होंने भारत को उच्च प्रौद्योगिकी वाला देश बताते हुए कहा कि दोनों देश एक-दूसरे से काफी कुछ सीख सकते हैं। मौजूदा भू-राजनीतिक चुनौतियों से निपटने के लिए देशों को व्यावहारिक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ना होगा और भारत-बेल्जियम की मित्रता व साझेदारी इसमें सहायक हो सकती है।
बैठक के बाद राजनाथ सिंह ने सामाजिक माध्यम पर भी वार्ता को उपयोगी बताया और कहा कि दोनों पक्षों ने रक्षा संबंधों तथा रक्षा औद्योगिक सहयोग की व्यापक समीक्षा की है।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर तक भारत की तीन दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर हैं। उनके साथ रक्षा एवं विदेश व्यापार मंत्री थियो फ्रैंकन और उच्चस्तरीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल भी भारत आया है। प्रधानमंत्री बनने के बाद डी वेवर की यह पहली भारत यात्रा है।















