नई दिल्ली, 03 सितंबर।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी जनसभा स्थल के कथित शुद्धिकरण मामले में 24 दिन बीतने के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई है। उन्होंने राज्यसभा में सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा को पत्र लिखकर मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई कराने की मांग की है।
खरगे ने उत्तराखंड सरकार को निर्देश देकर घटना में कथित रूप से शामिल व्यक्तियों और संगठनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने तथा दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
बुधवार को लिखे पत्र में उन्होंने 13 अगस्त को राज्यसभा में हुई चर्चा का उल्लेख किया। खरगे के अनुसार, 8 अगस्त 2026 को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में उनकी जनसभा के बाद कुछ संगठनों की ओर से कथित तौर पर छुआछूत आधारित शुद्धिकरण कराया गया था।
उन्होंने कहा कि इस घटना पर नड्डा ने राज्यसभा में इसे अत्यंत दुखद बताते हुए जांच और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था। राज्यसभा के सभापति ने भी इस घटना पर खेद व्यक्त किया था।
खरगे ने पत्र में कहा कि सदन में दिए गए स्पष्ट आश्वासन के बावजूद हल्द्वानी पुलिस और प्रशासन की ओर से अब तक प्राथमिकी दर्ज नहीं होना निराशाजनक और आश्चर्यजनक है। उन्होंने नड्डा से अपने आश्वासन के अनुरूप उत्तराखंड सरकार को आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि रामलीला मैदान का तथाकथित शुद्धिकरण भारतीय संविधान की मूल भावना और मानवीय मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने इस घटना को छुआछूत और जातिवादी मानसिकता से जुड़ा बताया।
ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए खरगे ने बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के महाड़ आंदोलन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उस दौरान तालाब से पानी पीने के बाद जातीय दंभ से भरे लोगों ने गोमूत्र, गोबर और मंत्रोच्चार के माध्यम से शुद्धिकरण कराया था।
खरगे ने कहा कि केवल मंत्रोच्चार या हवन से कोई जातिवादी प्रक्रिया पवित्र नहीं हो जाती। उनके अनुसार, यह मामला केवल उनके व्यक्तिगत आत्मसम्मान या कांग्रेस अध्यक्ष के पद तक सीमित नहीं है, बल्कि उन करोड़ों वंचित लोगों की भावनाओं से जुड़ा है जो ऐसी सामाजिक परिस्थितियों का सामना करते हैं।
उन्होंने नड्डा से मांग की कि सदन में दिए गए आश्वासन के अनुसार उत्तराखंड सरकार को स्पष्ट निर्देश दिए जाएं और हल्द्वानी की घटना के लिए जिम्मेदार बताए गए संगठनों तथा व्यक्तियों के खिलाफ बिना देरी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।















