हरिद्वार, 03 सितंबर।
नेपाल में आई भीषण त्रासदी के बाद धर्मनगरी हरिद्वार के संत और महंत सहायता के लिए आगे आए हैं। गुरुवार को बड़ा उदासीन अखाड़े में अखाड़ा परिषद और विभिन्न आश्रमों से जुड़े संतों की आपात बैठक हुई, जिसमें नेपाल की मदद के लिए आर्थिक सहयोग जुटाने का निर्णय लिया गया।
बैठक के दौरान करीब 30 मिनट में अखाड़ों और आश्रमों की ओर से लगभग 38 लाख रुपये की सहायता राशि एकत्र की गई। संतों ने अन्य अखाड़ों और आश्रमों से भी सहयोग लेकर इस राशि को 51 लाख रुपये तक पहुंचाने का निर्णय किया है। इसके बाद धनराशि जिलाधिकारी के माध्यम से नेपाल भेजी जाएगी।
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष एवं महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने कहा कि संतों और महंतों ने आपात बैठक में नेपाल को हरसंभव सहायता देने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि अब अन्य धार्मिक संस्थाओं और संतों से संपर्क कर सहायता राशि बढ़ाई जाएगी।
अखाड़ा परिषद के मीडिया संयोजक करौली शंकर महाराज ने अकेले 11 लाख रुपये की सहायता दी है। उन्होंने कहा कि कुंभ की तैयारियों को कुछ समय के लिए पीछे रखते हुए अखाड़ा परिषद ने नेपाल की सहायता का बीड़ा उठाया है और संत-महंत इसमें सक्रिय सहयोग कर रहे हैं।
गरीबदासीय आश्रम के परमाध्यक्ष स्वामी रविदेव शास्त्री ने बताया कि पहले युवा भारत साधु समाज के साथ बैठक कर आर्थिक मदद जुटाई गई। इसके बाद अखाड़ा परिषद के सहयोग से प्रयासों को आगे बढ़ाया गया और अब अन्य सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों से संपर्क कर नेपाल के लिए अधिक से अधिक सहायता जुटाने की कोशिश की जा रही है।















