नई दिल्ली, 03 सितंबर।
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत प्रवर्तन निदेशालय ने दक्षिण भारत के चार राज्यों में मादक पदार्थों से जुड़े आठ मामलों में एक साथ व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया है। केरल, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना में एजेंसी की विभिन्न क्षेत्रीय टीमों ने कुल 30 ठिकानों पर धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की।
एजेंसी मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े कथित धन के लेनदेन की जांच कर रही है। तलाशी के दौरान अवैध गतिविधियों से अर्जित धन, संपत्तियों, बैंक खातों, दस्तावेजों और डिजिटल साक्ष्यों का पता लगाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
तमिलनाडु में निसारदीन, कासिलिंगम और अन्य से जुड़े मामले में जून 2024 में मंडपम शरणार्थी शिविर के दो श्रीलंकाई नागरिकों को 1.470 किलोग्राम मेथामफेटामाइन के साथ पकड़ा गया था। बाद में चेन्नई में एक परिसर से 1.29 करोड़ रुपये से अधिक भारतीय मुद्रा, 30 हजार अमेरिकी डॉलर और 5,030 श्रीलंकाई रुपये बरामद किए गए। इस परिसर के कथित रूप से अनधिकृत हवाला लेनदेन में इस्तेमाल होने की जांच की जा रही है और चेन्नई व रामनाथपुरम में दो ठिकानों पर तलाशी चल रही है।
सैयद इब्राहिम, बयसुल रहमान और अन्य से जुड़े एक अन्य मामले में जुलाई 2024 में चेन्नई के किलाम्बक्कम बस टर्मिनस के पास से 5.970 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुआ था। इस मामले में 39.38 लाख रुपये नकद, 586 ग्राम सोना और एक किलोग्राम चांदी भी जब्त की गई थी। हवाला और नकदी लेनदेन से जुड़े पहलुओं की जांच के तहत रामनाथपुरम और तिरुनेलवेली में दो स्थानों पर कार्रवाई की जा रही है।
उदय कुमार और अन्य के मामले में दिसंबर 2023 में चेन्नई के मन्नाडी स्थित एक होटल से दो किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद किया गया था। जांच के दौरान अंबत्तूर के वायरलेस ग्राउंड से 54.600 किलोग्राम मेथामफेटामाइन भी मिला था। इस मामले में छह ठिकानों पर तलाशी जारी है।
एम. एलेक्स और अन्य से जुड़े मामले में अप्रैल 2025 में 950 ग्राम मेथामफेटामाइन हाइड्रोक्लोराइड बरामद किया गया था। दो लाख रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और एक टोयोटा कैमरी कार भी जब्त की गई थी। परिवार के सदस्यों के नाम संपत्तियों, बैंक लेनदेन तथा नागपट्टिनम, वेलांकन्नी और थलियामाडी में करीब 54 झींगा फार्मों में कथित निवेश की जांच की जा रही है। इस मामले में छह स्थानों पर तलाशी चल रही है।
कर्नाटक में मृत्युंजय उर्फ जयन्ना उर्फ एम.जे. और अन्य के मामले में जुलाई 2022 में एक किलोग्राम पांच ग्राम हशीश ऑयल और एक किलोग्राम 200 ग्राम गांजा बरामद किया गया था। इनकी अनुमानित अवैध बाजार कीमत करीब 80 लाख रुपये बताई गई थी। वित्तीय जांच में आरोपी और उसकी पत्नी के बैंक खातों में 5.15 करोड़ रुपये से अधिक की जमा राशि, 2.39 करोड़ रुपये से अधिक की नकद जमा और 57.17 लाख रुपये के संदिग्ध यूपीआई लेनदेन का पता चला है। कोलार जिले, मालूर और होसकोटे में तीन ठिकानों पर कार्रवाई जारी है।
तेलंगाना में कलापति निथुबाई और अन्य से जुड़े मामले में पुलिस की तीन प्राथमिकी के आधार पर जांच चल रही है। आरोप है कि गांजा खरीदकर उसे आवासीय परिसरों में रखा जाता था, छोटे पैकेटों में तैयार कर नानकरामगुड़ा और आसपास के इलाकों में बेचा जाता था। अलग-अलग कार्रवाइयों में करीब 53.5 किलोग्राम गांजा, 67.35 लाख रुपये नकद, मोबाइल फोन, फोनपे स्कैनर और वाहन जब्त किए गए थे। सेरिलिंगमपल्ली और नानकरामगुड़ा में तीन ठिकानों पर तलाशी हो रही है।
केरल में आयुष विनोद और अन्य के मामले में पहले 1.166 किलोग्राम हाइब्रिड गांजा के साथ आरोपी को पकड़ा गया था। बाद में उसके घर से करीब 15 किलोग्राम हाइब्रिड गांजा बरामद हुआ और उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया। जांच में बैंकॉक से कोच्चि तक हाइब्रिड गांजा पहुंचाने वाले एक संगठित नेटवर्क की जानकारी सामने आई है। इस मामले में कोच्चि और आसपास के जिलों में चार स्थानों पर कार्रवाई चल रही है।
केरल के लिगीश और अन्य से जुड़े मामले में मस्कट से आए आरोपी के पास से 949.26 ग्राम एमडीएमए बरामद किया गया था। चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया जा चुका है। जांच में मादक पदार्थ को भारत लाकर स्थानीय स्तर पर वितरित करने की बात सामने आई है। कोझिकोड में चार आरोपियों के आवासीय परिसरों पर तलाशी लेकर संपत्तियों, बैंक खातों, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
इन सभी मामलों में मादक पदार्थों की तस्करी से कथित रूप से जुड़े धन और संपत्तियों के संबंध में जांच आगे बढ़ाई जा रही है।















