अजमेर, 03 सितंबर।
भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने खाद्य सुरक्षा नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में सीजी फूड इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है। निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं के बाद कंपनी को वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन तत्काल बंद करने के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य नियामक ने राजस्थान के रूपनगढ़ स्थित अजमेर इकाई का निरीक्षण कर निर्माण प्रक्रिया और स्वच्छता मानकों की जांच की। इस दौरान कथित तौर पर फर्श से एकत्र किए गए टूटे नूडल्स को बिना ताप उपचार के दोबारा प्रसंस्कृत कर भुजिया उत्पादों में इस्तेमाल किए जाने की जानकारी सामने आई। पैकेजिंग पर पिछली तारीख अंकित किए जाने का मामला भी पाया गया।
निरीक्षण के दौरान 32,107.2 किलोग्राम खाद्य सामग्री का स्टॉक जब्त किया गया, जिसमें खुले में रखे टूटे नूडल्स भी शामिल हैं। प्राधिकरण को जांच में निर्माण और स्वच्छता से जुड़े मानकों के पालन में भी कई कमियां मिलीं।
जांच के दौरान “वाई-वाई मामा” और “वाई-वाई मामा पुंटे” भुजिया प्रकारों का कथित रूप से बिना लाइसेंस उत्पादन भी सामने आया। इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 31(1) का उल्लंघन बताया गया है। पर्याप्त कीट नियंत्रण अभिलेखों के अभाव समेत स्वच्छता और दस्तावेजों से जुड़ी अन्य खामियां भी दर्ज की गईं।
प्रयोगशाला परीक्षण के लिए खुले नूडल्स की सामग्री, दोनों वेज भुजिया उत्पादों, तलने में इस्तेमाल तेल और “वाई-वाई रेडी टू ईट नूडल्स” के नमूने लिए गए हैं। इसके अलावा, मियाद पूरी कर चुके तैयार उत्पादों के 1,925 बॉक्स भी हिरासत में लिए गए हैं।
प्राधिकरण ने कंपनी को आवश्यक मंजूरी और जरूरी सुधारात्मक उपाय पूरे किए बिना वेज भुजिया नमकीन का उत्पादन नहीं करने के निर्देश दिए हैं। प्रयोगशाला जांच और निरीक्षण के निष्कर्षों के आधार पर आगे कानूनी एवं नियामकीय कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले बेंगलुरु में ब्रिटिश लाइफसाइंसेज प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी खाद्य सुरक्षा अभियान के तहत कार्रवाई की गई थी। वहां निरीक्षण के दौरान गलत लेबल वाले और मियाद पूरी कर चुके शिशु खाद्य उत्पाद मिलने की जानकारी सामने आई थी। प्राधिकरण ने बड़ी मात्रा में ऐसे उत्पाद जब्त कर कंपनी के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई शुरू की है।















