जिनेवा, 04 सितंबर।
ईरान में विदेशी व्यक्तियों या संगठनों से संपर्क रखने पर कठोर सजा का प्रावधान करने वाले प्रस्तावित कानून को लेकर संयुक्त राष्ट्र ने गंभीर चिंता जताई है। मानवाधिकार जांचकर्ताओं ने ईरानी अधिकारियों से इस विधेयक को तत्काल वापस लेने की मांग की है।
संयुक्त राष्ट्र के स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय तथ्य-खोज मिशन ने कहा कि ईरानी संसद में विचाराधीन यह प्रस्ताव नागरिकों की मौलिक स्वतंत्रताओं के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। प्रस्तावित कानून के तहत दोषी पाए जाने पर 30 वर्ष तक जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।
मिशन के अनुसार, कानून लागू होने की स्थिति में विदेशी लोगों और संस्थाओं के साथ सामान्य बातचीत या संपर्क भी कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ सकता है। इससे ईरानी नागरिकों के अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संबंध सीमित होने की आशंका है।
जांचकर्ताओं ने चेतावनी दी कि प्रस्तावित प्रावधानों से अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सहित अन्य बुनियादी अधिकारों पर और प्रतिबंध लग सकते हैं। संयुक्त राष्ट्र ने ईरान से अपने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार दायित्वों का सम्मान करने की अपील की है।
मिशन का कहना है कि नागरिकों के शांतिपूर्ण ढंग से विचार व्यक्त करने और अंतरराष्ट्रीय समुदाय के साथ संवाद करने के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।















