Naidunia Live
• टॉप न्यूज़ • मध्य प्रदेश • विज्ञान व प्रौद्योगिकी • अपराध • शिक्षा • संपादकीय • धर्म / अध्यात्म • वीडियो स्टोरी • मौसम • त्योहार • प्रेरक कहानियाँ
• वीडियो • न्यूज़ आर्काइव
संपादकीय
04 Sep, 2026

सिस्टम का असली चेहरा जब राजा बन बैठे लोकसेवक

सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने वाली प्रशासनिक व्यवस्था की जवाबदेही और लोकसेवा की मूल भावना पर गंभीर आत्ममंथन की जरूरत है।

भोपाल, 04 सितंबर।

देश में शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर सड़कों पर दिख रहा आक्रोश सीधे मुख्यमंत्री या मंत्री के खिलाफ होता है। यह स्वाभाविक भी है, क्योंकि जनता के सामने चेहरा उन्हीं का होता है।

लेकिन क्या इस अव्यवस्था के असली जिम्मेदार केवल राजनीतिक नेतृत्व हैं?

गहराई से देखें तो नीति बनाना सरकार का काम है, लेकिन उसे जमीन पर उतारना ब्यूरोक्रेसी का दायित्व है और ब्यूरोक्रेसी को लीड करता है आईएएस कैडर। सरकारें हर पांच साल में अपना क्रेडिबिलिटी टेस्ट देती हैं, जनता नाराज होती है तो सरकार बदल देती है, लेकिन सचिवालय से लेकर कलेक्ट्रेट तक बैठे चेहरे नहीं बदलते।

स्कूल की दीवारें गिरें, अस्पतालों में डॉक्टर न हों या दफ्तरों में बिना पैसे के फाइल न चले, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है? कलेक्टर, सचिव और मुख्य सचिव - ये सभी लोकसेवक हैं, लेकिन क्या इनके आचरण में सेवक नजर आता है?

एक कड़वा सच यह भी है कि सरकार का कोई आदेश तब तक जमीन पर नहीं उतरता, जब तक उस पर संबंधित अधिकारी की प्रक्रिया और मंजूरी पूरी न हो। अखिल भारतीय सेवा इसलिए बनाई गई थी कि वह राजनीतिक दबाव के आगे रीढ़ सीधी रखे और जनहित को सर्वोपरि रखे।

लेकिन जब अच्छी पोस्टिंग, राजधानी में टिके रहने और निजी नजदीकियों के लिए ब्यूरोक्रेसी झुकने लगे तो उसकी उपयोगिता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मध्य प्रदेश के भोपाल और उज्जैन में छात्र स्कूलों की अव्यवस्था के खिलाफ खड़े हो रहे हैं। झारखंड में परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामलों में वर्तमान और पूर्व सिविल सर्वेंट तक गिरफ्तार हुए हैं। यह केवल भ्रष्टाचार नहीं, युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ है।

रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों की अनुमति भी सिस्टम की जिम्मेदारी है। नियमों की अनदेखी का खामियाजा बाद में आम नागरिक और व्यापारी भुगतते हैं।

आईएएस बनना उपलब्धि है, लेकिन सार्थकता तब है जब आम आदमी आपके काम से आपको याद करे। एसी कमरों और प्रोटोकॉल की दीवारों के पीछे बैठी ब्यूरोक्रेसी को अब जनता के बीच जाना होगा।

राजनीतिक नेतृत्व पांच साल बाद जनता के बीच चला जाएगा, लेकिन सिस्टम को यहीं रहना है। इसलिए समय आत्ममंथन का है। सुधार का दायित्व और नेतृत्व दोनों ही ब्यूरोक्रेसी का है।

|
वीडियो फीचर

शिवपुरी में शराब दुकान बंद कराने पहुंचीं महिलाओं का पुलिस से विवाद, लाठियां चलीं


पांढुरना में गोटमार परंपरा के नाम पर बरसे पत्थर, 700 पुलिसकर्मी तैनात

जहरीली शराब कांड का आरोपी रवि लखेरा एनकाउंटर में घायल, पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार

सागर जहरीली शराब कांड पर CM मोहन यादव का बड़ा बयान | दोषियों को ऐसा सबक सिखाएंगे!

भोपाल में जूनियर डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने का आंदोलन, सड़क जाम से भारी ट्रैफिक

शिक्षक दिवस पर CM मोहन यादव की बड़ी घोषणा, TET अभ्यर्थी दे सकेंगे ऑफलाइन परीक्षा

आज का राशिफल

व्ययाधिक्य का अवसर आ सकता है। लाभदायक कार्यों की चेष्टाएं प्रबल होंगी। बुद्घितत्व की सक्रियता से अल्प लाभ का हर्ष होगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य बनाने के लिए भाग-दौड़ रहेगी। लाभकारी गतिविधियों में सक्रियता रहेगी। रुका हुआ लाभ आज प्राप्त हो सकता है। धार्मिक स्थलों की यात्रा का योग। शुभांक-4-6-8

आज का मौसम

भोपाल

22° / 31°

Partly sunny

ट्रेंडिंग न्यूज़