भोपाल, 04 सितम्बर।
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को राधा-कृष्ण की मनोहारी प्रतिमा भेंट की गई। मध्य प्रदेश शासन के संस्कृति विभाग के अंतर्गत श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की ओर से भेंट की गई यह मूर्ति करीब तीन फीट ऊंची है। इसका निर्माण मंडला के प्रसिद्ध मूर्तिकार किशोर काल्पीवार ने किया है।
मूर्तिकार किशोर काल्पीवार मध्य प्रदेश की पारंपरिक शिल्प कला को आधुनिक सृजनात्मक दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ाने वाले शिल्पकार हैं। मंडला क्षेत्र से जुड़े काल्पीवार ने पत्थर पर देवी-देवताओं की भाव-भंगिमा, मुद्रा और आध्यात्मिक स्वरूप को जीवंत रूप देने में अपनी पहचान बनाई है। वर्तमान में वे जानापाव स्थित प्रस्तावित श्री परशुराम-श्रीकृष्ण लोक के लिए तैयार की जा रही मूर्तियों के निर्माण कार्य से भी जुड़े हैं।
राधा-कृष्ण की इस प्रतिमा के निर्माण में जिस पत्थर का इस्तेमाल किया गया है, उसके संबंध में मंडला के किशोर काल्पीवार ने बताया कि मूर्ति गोंडवाना और महाकौशल क्षेत्र में मिलने वाली प्राचीन ‘कृष्ण शिला’ से बनाई गई है। उनके अनुसार यह शिला ऐसे चट्टानी क्षेत्र से प्राप्त होती है, जिसकी संरचना लगभग 250 से 350 करोड़ वर्ष पुरानी है। मंडला सहित महाकौशल क्षेत्र में नर्मदा नदी के किनारे स्थित विभिन्न खदानों में इस तरह की शिलाएं पाई जाती हैं।
काल्पीवार ने बताया कि कृष्ण शिला की खासियत यह है कि इसमें पानी आसानी से अवशोषित नहीं होता और मौसम का प्रभाव भी इस पर अपेक्षाकृत कम पड़ता है। कठोरता और अधिक घनत्व के कारण यह पत्थर बारीक तथा सूक्ष्म नक्काशी के लिए उपयुक्त माना जाता है। इसमें प्राकृतिक रूप से मैटेलिक तत्व भी मौजूद होते हैं, जो इस शिला की विशिष्टता को और बढ़ाते हैं।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश की प्राकृतिक धरोहर और स्थानीय पत्थर शिल्प की परंपरा को ध्यान में रखते हुए श्रीकृष्ण की यह प्रतिमा तैयार की गई है। काल्पीवार मंडला की मृदुकिशोर मार्बल एवं ग्रेनाइट इंडस्ट्रीज से भी जुड़े हैं, जो प्रदेश की पत्थर कला और परंपरा को आगे बढ़ाने का कार्य कर रही है।















