रायपुर, 04 सितम्बर।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही वन परिक्षेत्र में मृत भालू के नाखून काटकर ले जाने के मामले में वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। दोनों के पास से भालू के चार नाखून बरामद किए गए हैं। वन विभाग ने आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की है।
जानकारी के अनुसार 3 सितंबर को मरवाही वृत्त के उसाढ़ परिसर स्थित कक्ष क्रमांक 2035 में भालू के मृत पड़े होने की सूचना वन विभाग को मिली थी। सूचना के बाद विभागीय टीम तत्काल मौके पर पहुंची। जांच के दौरान पता चला कि मृत भालू के पिछले दाएं पंजे के चार नाखून गायब हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने डॉग स्क्वॉड की सहायता से क्षेत्र में सघन तलाशी और पतासाजी अभियान शुरू किया।
अभियान के दौरान वन विभाग की टीम ने ग्राम बरौर निवासी 54 वर्षीय सुदर्शन यादव और 20 वर्षीय सूरज साहिस को पकड़ लिया। दोनों के कब्जे से मृत भालू के चार नाखून बरामद किए गए, जिन्हें विधिवत जब्त कर लिया गया। आरोपितों के विरुद्ध वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 के प्रावधानों के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई। शुक्रवार को दोनों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
फेफड़ों के संक्रमण से हुई मौत
तलाशी और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद पशु चिकित्सकों की मौजूदगी में मृत भालू का पोस्टमार्टम कराया गया। चिकित्सकों ने प्रथम दृष्टया उसकी मौत का कारण तीव्र फेफड़ों का संक्रमण बताया है। पोस्टमार्टम के बाद भालू का विधिवत दाह संस्कार किया गया। इस दौरान वनमंडलाधिकारी मरवाही कुमार निशांत सहित वन विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
वन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जंगल में किसी वन्यजीव का शव मिलने पर उसके शरीर या किसी अंग से छेड़छाड़ न करें और तुरंत नजदीकी वन विभाग कार्यालय को सूचना दें। विभाग ने वन अपराध, अवैध शिकार अथवा वन्यजीवों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी भी तत्काल देने की अपील की है। वन विभाग के अनुसार वन्यजीवों की सुरक्षा सामूहिक जिम्मेदारी है और स्थानीय लोगों के सहयोग से वन संरक्षण के प्रयासों को और प्रभावी बनाया जा सकता है।















