पिछले दिनों एक वरिष्ठ अधिकारी भोपाल प्रवास पर पधारे। पदस्थापना के दौरान उन्होंने मददगारों को भरोसा दिलाया था कि उनका पूरा ध्यान रखा जाएगा। लेकिन जब से पदस्थापना हुई है, क्षेत्र में उनसे ऊपर बैठे बड़े साहब उन पर नजर गड़ाए रहते हैं। यही कारण है कि संकटमोचकों के लिए सहायक नहीं बन पा रहे हैं।















